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राजस्थान: चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग पर राजनीति हावी, 35 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट प्रभावित

जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग में देरी से शहर के प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं. इसके साथ साथ प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. 

राजस्थान: चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग पर राजनीति हावी, 35 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट प्रभावित
जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग में देरी से शहर के प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं.

जयपुर: जलदाय विभाग में चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग पर राजनीति हावी होती दिखाई दे रही है. जिस कारण 6 चीफ इंजीनियर्स के पद पिछले 18 दिन से खाली पड़े हैं. पीएचईडी में मुखिया की पोस्ट खाली होने से पेयजल योजनाओं के 35 हजार करोड़ के काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. 

जिस कारण कॉन्ट्रेक्टरस के पेमैंट अटके पड़े हैं. जलदाय विभाग स्पेशल प्रोजेक्ट, शहरी-हैडक्वार्टर, नागौर प्रोजेक्ट, जोधपुर प्रोजेक्ट, प्रशासन और टैक्नीकल चीफ इंजीनियर्स के पोस्ट खाली हैं. राजीनितिक दबाव के चलते जलदाय विभाग में प्रमोशन अटके हुए है, जिस कारण चीफ इंजीनियर्स के पद खाली पड़े हैं. जिससे पीएचईडी की तमाम फाइलें अटकी हुई हैं. इस वजह से जनता से जुड़े पेयजल योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हो रही हैं. यदि समय रहते हुए चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग नहीं हुई तो स्थितियां और बिगड़ सकती हैं.

चीफ इंजीनियर्स के यह 6 पद महत्वपूर्ण है. लेकिन अब पद खाली होने से पीएचईडी संकट की घडी से गुजर रहा है. जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर शहरी आईडी खान, चीफ इंजीनियर प्रशासन नरेंद्र धाकड़, चीफ इंजीनियर टेक्निकल दिनेश सैनी 30 सितंबर को रिटायर्ड हो गए हैं. 

हालांकि, चीफ इंजीनियर टेक्निकल का चार्ज एडिशनल चीफ इंजीनियर शहरी सुबोध जैन को दिया गया है. लेकिन सुबोध जैन भी विवादित अफसर रह चुके हैं. इसके अलावा ग्रामीण चीफ इंजीनियर सीएम चौहान को स्पेशल प्रोजेक्ट का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है लेकिन फिर भी चीफ इंजीनियर शहरी, चीफ इंजीनियर प्रशासन और चीफ इंजीनियर नागौर प्रोजेक्ट के पद खाली हैं. जलदाय मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि जल्द ही प्रमोशन करवाकर चीफ इंजीनियर्स के पदों पर भी भर्तियां की जाएंगी.

जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग में देरी से शहर के प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं. इसके साथ साथ प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. फाइलों की पैंडेंसी रोजाना बढ़ रही है. नागौर और जोधपुर के प्रोजेक्ट्स का काम भी प्रभावित हो रहा है. मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि जल्द ही डीपीसी करवाकर ये पैडेंसी दूर की जाएगी.

अब देखना यह होगा कब तक चीफ इंजीनियर्स की पोस्टिंग पर राजनीति होती रहेगी और कब तक जनता के कार्य प्रभावित होते रहेंगे. लेकिन इससे ये साफ हो गया है कि जनता के विकास कार्यों पर राजनीति पूरी तरह से हावी है.