close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: हाइब्रिड फॉर्मुले पर पूनिया ने कहा- अपने बेटे को महापौर बनाना चाहते हैं CM

इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहले भी वह अपने बेटे को आरसीए अध्यक्ष बनाने के लिए अपनी ही पार्टी के नेता के साथ सड़कों पर संघर्ष करवा चुके हैं.

राजस्थान: हाइब्रिड फॉर्मुले पर पूनिया ने कहा- अपने बेटे को महापौर बनाना चाहते हैं CM
फाइल फोटो

संदीप केडिया, मंडावा: झुंझुनूं के मंडावा उप चुनाव में आज प्रचार थम गया है. 21 अक्टूबर को चुनाव होने हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया दो दिनों से मंडावा क्षेत्र में ही हैं. शनिवार को उन्होंने प्रेस वार्ता कर एक बड़ा हमला सीधे सीधे मुख्यमंत्री पर बोला है. उन्होंने संदेह जाहिर किया है कि संभवतया हाईब्रिड फार्मुले के जरिए मुख्यमंत्री अपने बेटे को दूसरा रोजगार देना चाहते हैं. वह जोधपुर का महापौर उन्हें बनाना चाहते हैं.

प्रदेश में लागू किए गए हाइब्रिड फॉर्मुले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने बड़ा आरोप लगाने के साथ-साथ एक संदेह भी जाहिर किया है. उन्होंने झुंझुनूं में कहा है कि उन्हें संदेह है कि मुख्यमंत्री अपने बेरोजगार बेटे को आरसीए अध्यक्ष बनाने के बाद दूसरा रोजगार देना चाहते हैं. यही कारण है वह हाईब्रिड फॉर्मुले को लेकर आए हैं. 

इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहले भी वह अपने बेटे को आरसीए अध्यक्ष बनाने के लिए अपनी ही पार्टी के नेता के साथ सड़कों पर संघर्ष करवा चुके हैं. इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि लगातार कांग्रेस की सरकार जनता को गुमराह कर रही है.  

निकाय चुनाव को लेकर किए जा रहे फैसले भी कहीं ना कहीं कांग्रेस के गले की फांस बनाने की तैयारी भाजपा ने कर ली है. इस प्रेस वार्ता में भाजपा चूरू के पूर्व जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा, अलसीसर प्रधान गिरधारीलाल खीचड़, भाजपा नेता विश्वंभर पूनियां, प्रवक्ता कमलकांत शर्मा, प्रदेश मीडिया टीम सदस्य नीरज जैन, भाजयुमो जिला महामंत्री प्रमोद जानूं आदि मौजूद थे.

मुख्यमंत्री की कुर्सी से चल रहा है झगड़ा
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के इस सरकार की पैदाइश ही झगड़े और विभाजन के साथ हुई है. बात चाहे मुख्यमंत्री की कुर्सी की हो या फिर, मंत्रीमंडल की, विभागों के बंटवारे में झगड़ा हुआ तो फिर कमरों में बैठने तक के लिए झगड़ा हुआ. इससे साफ है कि कांग्रेस की फूट प्रदेश के लिए सही नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी का मंत्रियों पर नियंत्रण नहीं है. हालात सर्कस जैसे हो गए हैं और मुख्यमंत्री इसमें जोकर की भूमिका में हैं.

सीएम के राष्ट्रवाद पर संदेह, एक परिवार के चरणवंदन तक है सोच
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने झुंझुनूं में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस सवाल का भी जवाब दिया. जिसमें गहलोत ने पूछा था कि क्या उन्हें राष्ट्रवाद का सर्टिफिकेट भाजपा या फिर प्रधानमंत्री से लेना होगा? डॉ. पूनिया ने कहा कि यदि सीएम राष्ट्रवादी होते तो अच्छा था. उनके राष्ट्रवाद पर डॉ. पूनिया ने संदेह जताया और कहा कि सावरकार को सम्मान नहीं देना, अकबर को महान और महाराणा प्रताप के शौर्य पर प्रश्न चिह्न लगाना यह साबित कर देता है कि कांग्रेस में कितना राष्ट्रवाद है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच केवल एक परिवार और उसके चरणवंदन से जुड़ी हुई है. देश के इतिहास, रीति-नीति और महापुरुषों से इनका कोई अनुराग नहीं है. केवल एक परिवार खुश रहना चाहिए.

राजे की बजाय पायलट के बयान पर गौर करें गहलोत
इस मौके पर उन्होंने सवाल के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिंता है कि वसुंधरा राजे क्यों प्रचार में नहीं आई और क्यों पदभार ग्रहण करने नहीं आई. तो यह साफ तो खुद ब खुद हो जाएगा. लेकिन मुख्यमंत्री यह चिंता करें कि उप मुख्यमंत्री और उनके मंत्री क्या बोल रहे है? उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे अपने व्यक्तिगत पारिवारिक कार्यों के चलते व्यस्त हैं. जिन्होंने अपनी व्यस्तता बता दी थी. वह राजस्थान भी आएंगी और पार्टी के लिए काम भी करेंगी.