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राजस्थान: बिजली चोरी पर लगाम लगाने में नाकाम हुआ बिजली महकमा, हुआ लाखों का घाटा

जयपुर डिस्कॉम के तहत आने वाले सभी 13 सर्किलों में विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए सघन सतर्कता जांच अभियान में जून से अक्टूबर तक बिजली चोरी 28 हजार 657 मामले पकड़े गए हैं.

राजस्थान: बिजली चोरी पर लगाम लगाने में नाकाम हुआ बिजली महकमा, हुआ लाखों का घाटा
जयपुर डिस्कॉम में ही चुनावी सीजन के बाद से 38 हजार मामले पकड़ में आए हैं.

अंकित तिवाड़ी, जयपुर: डिस्कॉम्स का बढ़ता घाटा बिजली कंपनियों के लिए नासूर बन रहा है. हालात यह हैं कि नए कार्यादेशों के लिए धन का प्रबंधन चुनौती बन रहा हैं. बिजली कंपनियों के अधिकारियों की सुस्ती के चलते चोरी और बकाया राशि की वसूली में भारी गिरावट देखी गई हैं. डिस्कॉम्स की पांच हजार करोड़ रुपए की वसूली पेंडिंग हैं. चुनावी सीजन को देखते हुए पहले तत्कालीन भाजपा सरकार और फिर वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अघोषित रुप से नरमी बरती. अब कर्जभार बढ़ने पर डिस्कॉम सख्ती पर आए हैं. अकेले जयपुर डिस्कॉम में ही चुनावी सीजन के बाद से 38 हजार मामले पकड़ में आए हैं. 

प्रदेशभर में जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम्स की ओर से विद्युत चोरी और दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए गहन सतर्कता जांच अभियान चलाया जा रहा है. जिसके तहत उच्चतम विद्युत छीजत वाले फीडरों और विद्युत चोरी बाहुल्य क्षेत्रों को चिन्हित कर सतर्कता अधिकारियों द्वारा जांच की कार्यवाही की जा रही हैं. पिछले एक महिने में प्रदेशभर में 35 हजार मामलों में एक्शन लिया गया हैं. 

जयपुर डिस्कॉम के तहत आने वाले सभी 13 सर्किलों में विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए सघन सतर्कता जांच अभियान में जून से अक्टूबर तक बिजली चोरी 28 हजार 657 मामले पकड़े गए हैं. सतर्कता अधिकारियों द्वारा पकड़े गए इन प्रकरणों में 68 करोड़ 37 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है और इसमें से 23 करोड़ 18 लाख रुपए के राजस्व की वसूली की जा चुकी है. 

अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित प्रतिष्ठानों, होटल, ढाबों, रेस्टोरेन्टों आदि के साथ-साथ मोबाईल टावरों, बहुमंजिला इमारते, शैक्षणिक संस्थान, कोल्ड स्टोरेज, क्रेशर, आर.ओ. प्लान्ट्स की सतर्कता जांच पर विशेष जोर दिया गया है. हाल ही में ऊर्जा मंत्री ने बैठक लेकर पांच हजार करोड़ रुपए की बकाया राशि वसूलने और बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे. इसके तहत टी एण्ड डी लॉस को 15 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए सभी खराब मीटरों को तत्काल बदलने, फीडर इंचार्ज प्रत्येक उपभोक्ता के घर पर जाकर पूरी व सही रीडिंग लेने और 10 लाख से अधिक बकाया राशि वाले उपभोक्ताओं के नाम सार्वजनिक करने के निर्देश दिए थे. 

50 यूनिट से कम उपभोग वाले उपभोक्ताओं के मीटरों की जांच के लिए अध्यक्ष डिस्कॉम्स से लेकर फीडर इंचार्ज के लक्ष्य निर्धारित किए गए, जिसके अनुसार माह में अध्यक्ष डिस्कॉम्स 25 मीटर, प्रबन्ध निदेशक एवं निदेशक तकनीकी 40 मीटर, संभागीय मुख्य अभियन्ता एवं अधीक्षण अभियन्ता 50 मीटर, अधिशासी अभियन्ता 100 मीटर, सहायक अभियन्ता 200 मीटर, कनिष्ठ अभियन्ता 300 मीटरों की जांच करेंगे और फीडर इंचार्ज शत-प्रतिशत मीटरों की जांच करेगें। इन चैक किए हुए मीटरों में से 10 प्रतिशत मीटरों की जांच विजीलेन्स टीम द्वारा की जानी हैं. प्रदेशभर में बिजली चोरी पर जारी अभियान फिलहाल असर दिखा रहा हैं, लेकिन निकाय और पंचायतीराज चुनावों के चलते कई विधायक इस अभियान के विरोध में भी है.