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राजस्थान: रूप चौदस आज, ऐसा करने से मिलती है सुंदरता और अच्छी सेहत

दिवाली के एक दिन पहले छोटी दिवाली है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी, यम चतुर्दशी या फिर रूप चतुर्दशी भी कहते हैं. 

राजस्थान: रूप चौदस आज, ऐसा करने से मिलती है सुंदरता और अच्छी सेहत
घर की सफाई के साथ साथ तन और मन की सफाई भी जरूरी है.

जयपुर: धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो गई है. दिवाली के एक दिन पहले छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी और रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है. भले ही ये पर्व दिवाली से ठीक एक दिन पहले होता है लेकिन इस दिन पूजा पाठ का अपना ही अलग महत्व होता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्योदय के समय महिलाओं को उबटन लगाना चाहिए, तो वहीं पुरूषों को अपने शरीर पर तेल की मालिश करना चाहिए. 

ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से सौंदर्य निखरने के साथ अच्छी सेहत की भी प्राप्त होती है. इस पर्व को पूरे विधि-विधान से मनाने से विशेष लाभ मिलता है. नरक चौदस के दिन तेल के 14 दीपक जलाने की परंपरा है. दिवाली का त्‍योहार रोशनी का त्‍योहार है. इस मौके पर घर की साफ-सफाई की जाती है. कहते हैं कि समृद्धि उसी घर में होती है जहां के लोगों को मन, तन और घर में सफाई होती है. 

दिवाली के एक दिन पहले छोटी दिवाली है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी, यम चतुर्दशी या फिर रूप चतुर्दशी भी कहते हैं. लोग इस दिन अपने घर के सभी बेकार चीजों और कबाड़ को घर से बाहर निकालते हैं और अपने घर को साफ करते है. इस दिन यमराज की पूजा करने और उनके लिए व्रत करने का विधान है. 

सुबह स्नान कर यमराज की पूजा और रात को घर के बाहर दीपक जलाकर रखने से यमराज प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु की संभावना टल जाती है. ज्योतिषों के मुताबिक नरक चतुर्दशी को मुक्ति पाने वाला पर्व भी कहा जाता है. इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था. इसलिए चतुर्दशी का नाम नरक चतुर्दशी के नाम पर पड़ा. इस दिन पूजा करने से नरक निवारण का आशीर्वाद मिलता है. इसलिए लोग अपने घर में यमराज की पूजा कर अपने परिवार वालों के लिए नरक निवारण की प्रार्थना करते हैं.

घर की सफाई के साथ साथ तन और मन की सफाई भी जरूरी है. वास्तु शास्त्र में कचरे और गंदगी को नकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत माना गया है. इसलिए घर के कचरे के साथ मन की भी गंदगी की भी सफाई जरूरी है.