राजस्थान: समाज कल्याण विभाग ने बिना मान्यता संचालित हो रहे शिक्षण संस्थानों को किया फ्रीज

समाज कल्याण विभाग द्वारा ओबीसी एवं एससी-एसटी की बीपीएल परिवार के छात्रों को उत्तर मेट्रिक छात्रवृति योजना के तहत करीब 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता आगे पढ़ने के लिए प्रदान की जाती है.

राजस्थान: समाज कल्याण विभाग ने बिना मान्यता संचालित हो रहे शिक्षण संस्थानों को किया फ्रीज
ओम तोषनीवाल ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के करीब 2000 शिक्षण संस्थाओं को पोर्टल पर फ्रीज किया है.

मुकेश सोनी, कोटा: समाज कल्याण विभाग अब बिना मान्यता के चले रहे सरकारी, निजी शिक्षण संस्थाओं को संबद्धता प्रमाण पत्र दिखाने के बाद ही संबंधित संस्थान के लिए छात्रवृत्ति जारी करेगा. निदेशालय ने विभाग के पोर्टल पर प्रदेश के ऐसे संस्थानो को फ्रीज किया है जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे. विभाग के इस कदम से ऐसे संस्थानों में पढ़ने वाले सैंकड़ो विद्यार्थी पर छात्रवृति का संकट मंडरा रहा है. जब तक संस्था द्वारा मान्यता से जुड़े दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर सबमिट नहीं किए जाएंगे. तब तक ऐसे संस्थाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की विभाग द्वारा छात्रवृति स्वीकृत नहीं की जाएगी.

विभाग ने जारी की लिस्ट
समाज कल्याण विभाग द्वारा ओबीसी एवं एससी-एसटी की बीपीएल परिवार के छात्रों को उत्तर मेट्रिक छात्रवृति योजना के तहत करीब 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता आगे पढ़ने के लिए प्रदान की जाती है. हाल ही में समाज कल्याण विभाग ने करीब 2000 सरकारी, निजी और संस्थाओं द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानो को चिन्हित किया है. जो सम्बंधित विश्वविद्यालय और संस्था से बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं या उन्होंने रिन्यू नहीं करवाया है. ऐसा इसलिए किया गया कि कहीं कोई संस्थान बिना पाठ्यक्रम संबद्धता के ही फर्जी छात्र पंजीकरण दिखाकर छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर ले.

समाज कल्याण विभाग में उपनिदेशक, ओम तोषनीवाल ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के करीब 2000 शिक्षण संस्थाओं को पोर्टल पर फ्रीज किया है. जिन्होंने सम्बंधित विश्वविद्यालय या उनके विभागों ने मान्यता नहीं ली है या मान्यता को रिन्यू नहीं करवाया है. विभाग द्वारा ऐसे संस्थानो की छात्रवृति रोकी नहीं जा रही केवल फ्रीज की जा रही है. ताकि अपात्र को छात्रवृत्ति ना मिले. जैसे ही शिक्षण संस्थाओं के मान्यता के दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर आएंगे, उनकी छात्रवृति स्वीकृति की कार्रवाई शुरू हो जाएगी. समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर कोटा जिले के भी 60 -70 के करीब राजकीय, निजी और संस्थाओं को चिन्हित किया गया था. 

इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी छात्रवृति के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन तो कर सकेंगे, लेकिन विभाग द्वारा इनके आवेदन को स्वीकृत नहीं किया जा सकेगा. जब तक संस्थानो द्वारा मान्यता से जुड़े दस्तावेज विभाग के पोर्टल पर सबमिट नहीं किए जाते. क्योंकि विभाग के पोर्टल पर बिना मान्यता के संचालित होने वाले संस्थान फ्रीज दिखाई देंगे. हालांकि, इनमे से कुछ शिक्षण संस्थाओ द्वारा मान्यता से जुड़े दस्तावेज सबमिट करवाने शुरू कर दिए हैं.