राजस्थान: MBS अस्पताल में पहली बार हुआ आइरिस क्लोलेंस प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन

कोटा के इस्लाम नगर निवासी 66 वर्षीय निजामुद्दीन को पिछले तीन साल से दोनो आंखों में परेशानी थी. निजामुद्दीन ने जयपुर सहित निजी अस्पतालों में इलाज के चक्कर काटे.

राजस्थान: MBS अस्पताल में पहली बार हुआ आइरिस क्लोलेंस प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन
66 वर्षीय निजामुद्दीन को पिछले तीन साल से दोनो आंखों में परेशानी थी.

मुकेश सोनी, कोटा: जिले के एमबीएस अस्पताल के नेत्र विभाग में पहली बार आधुनिक तकनीक द्वारा मोतिया बिंद का ऑपरेशन कर मरीज के आइरिस क्लोरेंस लेंस का प्रत्यारोपण किया गया है. यह विशेष प्रकार का लेंस होता है जो आंख की पुतली से चिपका कर लगाया जाता है. ऑपरेशन के बाद अब मरीज को मोटा चश्मा नही लगाना पड़ेगा.

क्या है आइरिस क्लोलेंस?
आमतौर पर आंख में चोट लगने और आंख की कमजोरी की वजहों से नॉर्मल लेंस (झिल्ली) कई मरीजों के नीचे खिसक जाता है. ऐसे मरीजों के सामान्य लेंस जो पीछे की झिल्ली पर चिपकते हैं वो नही लगा सकते. ऐसे मरीजों का या तो बिना लेंस का ऑपरेशन करना पड़ता है. जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज को मोटा चश्मा लगाना पड़ता है या फिर इस कंडीशन में एक विशेष प्रकार का लेंस (आइरिस क्लोलेंस पुतली के चिपकने वाले लेंस) आधुनिक तकनीक से ऑपरेशन कर लगाया जाता है. इस लेंस के प्रत्यारोपण के बाद मरीज को मोटा चश्मे से निजात मिलता है. 

आंखों की रोशनी लौटी
कोटा के इस्लाम नगर निवासी 66 वर्षीय निजामुद्दीन को पिछले तीन साल से दोनो आंखों में परेशानी थी. निजामुद्दीन ने जयपुर सहित निजी अस्पतालों में इलाज के चक्कर काटे. सब जगह उसे निराशा हाथ लगी. निजामुद्दीन के चार बेटिया है, बेटा नहीं है. आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करवा सका. किसी ने एमबीएस अस्पताल में दिखाने की सलाह दी. एमबीएस अस्पताल के नेत्र विभाग में सहायक आचार्य डॉ. निजामुद्दीन को दिखाया तो उन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी. ऑपरेशन के बाद मरीज की आंखों की रोशनी लौटी. निजामुद्दीन के जैसे जिंदगी नई आ गई हो.

निशुल्क हुआ ऑपरेशन 
आमतौर पर ऐसी कंडीशन में निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाने पर एक आंख पर करीब 18 हजार रुपये का खर्च आता है. नेत्र विभाग की वरिष्ठ आचार्य डॉ. जयश्री ने बताया कि एमबीएस अस्पताल में मरीज का निशुल्क ऑपरेशन हुआ है. उसकी दोनो आंखों में परेशानी थी. नेत्र विभाग में डॉ. निजामुद्दीन ने मरीज की दोनो आंखों का सफल ऑपरेशन किया है.