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राजस्थान: ये महिलाएं धरने पर बैठकर मना रही हैं करवाचौथ, जानें क्या है मामला

कलेक्ट्रेट सर्किल पर दिए जा रहे इस धरने में करीब 700 से ज्यादा चयनित शिक्षिकाएं हैं. साथ ही चयनित शिक्षकों की पत्नियां, बेटियां और मां भी इस धरने में शामिल हैं. 

राजस्थान: ये महिलाएं धरने पर बैठकर मना रही हैं करवाचौथ, जानें क्या है मामला
चयनित शिक्षिकाओं का कहना है कि होली, राखी और दशहरा भी धरना स्थल पर ही मनाया है.

जयपुर: एक सुहागन के लिए करवा चौथ का व्रत ही सबसे बड़ा त्योहार होता है. जब वो अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखती हैं लेकिन प्रदेश की करीब 2 हजार से ज्यादा ऐसी सुहागन चयनित शिक्षिकाएं और चयनित शिक्षको की पत्नियां है जो इस व्रत वाले दिन भी धरने पर बैठी रही. गौरतलब है कि 1998 में चयनित करीब 2 हजार से ज्यादा शिक्षक और शिक्षिकाएं इस समय नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले 133 दिनों से जयपुर में धरने पर बैठे हैं.

कलेक्ट्रेट सर्किल पर दिए जा रहे इस धरने में करीब 700 से ज्यादा चयनित शिक्षिकाएं हैं. साथ ही चयनित शिक्षकों की पत्नियां, बेटियां और मां भी इस धरने में शामिल हैं. धरना स्थल पर ही चयनित शिक्षिकाओं ने आज मेहंदी लाई और पूजा की. धरने दे रही इन शिक्षिकाओं का कहना है कि पिछले 133 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर जयपुर में धरना चल रहा है.

बहरहाल, धरना स्थल पर करवा चौथ का व्रत मना रही हैं. चयनित शिक्षिकाओं का कहना है कि होली, राखी और दशहरा भी धरना स्थल पर ही मनाया. ऐसे में करवा चौथ ही क्या आने वाली दिवाली और आने वाले हर त्यौहार को जब तक धरना स्थल पर मनाया जाएगा. जब तक इनकी नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हो जाते.