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राजस्थान: क्रेडिट सोसायटियों पर शिकंजा कसने के लिए अनरेगुलेटेड डिपोजिट एक्ट हुआ लागू

कार्यरत क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा हर महीने की 7 तारीख को उप रजिस्ट्रार को मासिक प्रगति रिपोर्ट नहीं भेजने वाली सोसायाटियों के खाते सीज किए जाएंगे. 

राजस्थान: क्रेडिट सोसायटियों पर शिकंजा कसने के लिए अनरेगुलेटेड डिपोजिट एक्ट हुआ लागू

जयपुर: राजस्थान में क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटियों के 30 हजार करोड़ से ज्यादा के घोटाले के बाद गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने इस एक्ट को लागू किया था. जिसके बाद में प्रोजेक्टशन ऑफ इन्वेस्टर्स डिपोजिट एक्ट लागू करने वाला राजस्थान पहला राज्य बन गया है. इस कानून का पूरा नाम अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट है. 

गहलोत सरकार ने सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन को नोडल अधिकारी बनाया है. राजस्थान में आदर्श क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी, नवजीवन क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी और संजीवनी कॉपरेटिव सोसायटियों ने जमकर लूट मचाई. अब सरकार इस एक्ट के जरिए फर्जीवाड़ा करने वाली 25 से ज्यादा क्रेडिट सोसायटियों पर शिकंजा कसकर लूटा हुआ पैसा निवेशकों को लौटाया जाएगा.

अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट के नोडल अधिकारी नीरज के पवन का कहना है कि निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए सरकार घोटाले करने वाली सोसायटियों के खाते सीज करेगी. उनकी संपत्ति को नीलाम करेगी. ऐसे में इस एक्ट से ऐसी कॉपरेटिव सोसायटियों पर लगाम लगेगा, जो निवेशकों के पैसो को लूटकर भागने के मूड में रहते हैं. अब इस कानून से कॉपरेटिव सोसायटियों पर पूरी तरह से शिकंजा कस सकेगा.

इसके अलावा अब सरकार नई क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटियों का नया पंजीयन नहीं करेगी. प्रदेश की 387 निष्क्रिय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों को अवसायन में लाकर पंजीयन रद्द करने की कार्यवाही की जाएगी. कार्यरत क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा हर महीने की 7 तारीख को उप रजिस्ट्रार को मासिक प्रगति रिपोर्ट नहीं भेजने वाली सोसायाटियों के खाते सीज किए जाएंगे. सभी क्रेडिट सोसायटियों की ऑडिट विभागीय ऑडिटर से करवाई जाएगी. किसी भी पंजीकृत सीए से ऑडिट मान्य नहीं होगी.

सभी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां अपनी डिपोजिट केन्द्रीय सहकारी बैंक या अपेक्स बैंक में 31 अक्टूबर तक जमा कराएंगी. ऐसी डिपोजिट पर इन बैंकों द्वारा 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज दिया जाएगा. जिन सोसायटियों ने दूसरे बैंकों में डिपोजिट करा रखी है, उनकी सूचना देनी होगी. इसके अलावा एजेंट के आधार पर कार्य करने वाली क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ नियामनुसार कार्यवाही की जाएगी.