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राजस्थान: कांगो फीवर से युवक की मौत, हटार गांव में चिकित्सा विभाग ने 21 लोगों के लिए सेंपल

पशुओं के पास जाते समय जूते अवश्य पहने. चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा हटार गांव में पशुओं के बाड़ों और पशुओं के बैठने वाली जगहों के आस पास छिड़काव करवाया गया है. 

राजस्थान: कांगो फीवर से युवक की मौत, हटार गांव में चिकित्सा विभाग ने 21 लोगों के लिए सेंपल
फाइल फोटो

मनीष रामदेव,  जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर के हटार गांव के 18 साल के युवक लोकेश की कांगो फीवर से मौत होने के बाद चिकित्सा विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गया है. सीएमएचओ भूपेंद्र बारूपाल के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग की टीम हटार गांव पहुंची और युवक लोकेश के परिजनों के सैंपल लिए. इसके साथ ही मृतक की मां तथा नाना को भी बुखार की शिकायत मिली. इस पर दोनों के सैंपल लेने के साथ ही नाना को जवाहर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इसके साथ ही जोधपुर से पशुपालन की विभाग की टीम भी जैसलमेर पहुंची जहां से जैसलमेर की पशुपालन की टीम भी हटार पहुंची तथा गांव के पशुओं के भी सैंपल लिए गए हैं. 

हटार गांव में कांगो फीवर से मौत की पुष्टि के बाद अब चिकित्सा विभाग ने हटार गांव में सभी ग्रामीणों को सावधानी बरतने की बात कही है. हालांकि, अभी तक हटार गांव में किसी अन्य को कांगो फीवर की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन एहतियात के तौर पर सभी ग्रामीणों को सजग रहने की बात कही गई है. अब चिकित्सा विभाग भी आगामी 14 दिन तक निगरानी रखेगा. 

अब तक चिकित्सा विभाग द्वारा हटार गांव से 21 लोगों के सैंपल लिए गए हैं. जिसमें अभी तक कोई इस रोग से ग्रसित नहीं पाया गया है. पशुपालन की टीमों द्वारा हटार गांव के ग्रामीणों से पशु बाड़ों को विशेष रूप से साफ करवाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि मुख्यत: पशुओं के पास पाए जाने वाले जौआ और चीचड़ (पशुओं के चिपकने वाले जीव) से ही ये बीमारी फैलती है. इस कारण पशुओं व बाड़ों की अच्छी तरह से सफाई जरूर कर लें ताकि यह रोग आगे न फैले. वहीं पशुओं के पास जाते समय जूते अवश्य पहने. चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा हटार गांव में पशुओं के बाड़ों और पशुओं के बैठने वाली जगहों के आस पास छिड़काव करवाया गया है. 

मृतक पिछले छह माह से जैसलमेर से बाहर था 
चिकित्सा विभाग की टीम के अनुसार 12वीं कक्षा में पढ़ने वाला मृतक लोकेश हार्ट का मरीज था. लोकेश को मई माह से ही बुखार और शरीर टूटने की समस्या थी. जिस पर उसने जैसलमेर और बाहरी अन्य जिलों के विभिन्न अस्पतालों में इलाज भी करवाया लेकिन उसे आराम नहीं आया. इसके बाद जोधपुर में भर्ती होने के बाद शाम को उसे कांगो फीवर की पुष्टि हुई. 

जिसके बाद रात को ही उसने दम तोड़ दिया. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि हटार गांव के युवक लोकेश के मौत की पुष्टि कांगो फीवर से होने के बाद चिकित्सा विभाग अब पूरी तरह से सक्रिय हो गया है. मैने टीम के साथ हटार का दौरा किया. अब तक कुल 21 लोगों का सैंपल लिया जा चुके हैं. वहीं मां और नाना को भी बुखार की शिकायत है. दोनों के भी सैंपल लिए गए हैं. वहीं मृतक के नाना चेलूराम को भी भर्ती करवाया गया है. हालांकि, अभी तक अन्य किसी की भी कांगो फीवर की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी को ध्यान रखने की बात कही है.