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2020 में राजस्थानी लिटरेचर फेस्टिवल को ‘साहित्य के कुम्भ‘ के रूप में मिलेगी पहचान

कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रदेश में कला, साहित्य और संस्कृति की गतिविधियों को बढ़ावा देने पर पूरी तरह फोकस है.

2020 में राजस्थानी लिटरेचर फेस्टिवल को ‘साहित्य के कुम्भ‘ के रूप में मिलेगी पहचान

जयपुर: राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश की राजधानी जयपुर में आगामी वर्ष में राजस्थानी लिटरेचर फेस्टिवल का बड़े स्तर पर आयोजन किया जाएगा. कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में संस्कृति जगत के प्रतिनिधियों से इस आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के सम्बंध में चर्चा की और उनसे आगामी दिनों में अपने सुझाव कला, साहित्य और संस्कृति विभाग को भिजवाने का आग्रह किया. इसके आधार पर इस फेस्टिवल की कार्य योजना तैयार की जाएगी.

मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा है कि राजस्थान में आयोजित होने वाले इस लिटरेचर फेस्टिवल को ‘साहित्य के कुम्भ‘ के रूप में पहचान मिले. आने वाले सालों में यह नियमित गतिविधि बने और प्रतिवर्ष देश और विदेश में साहित्यिक जगत के लोग ऐसे आयोजन का बेसब्री से इंतजार करे.

कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रदेश में कला, साहित्य और संस्कृति की गतिविधियों को बढ़ावा देने पर पूरी तरह फोकस है. राजस्थान कला, साहित्य और संस्कृति का केन्द्र है. यहां कला, साहित्य और संगीत के साथ-साथ अलग-अलग भाषाओं की अकादमियां है. इतनी संख्या में एकेड्मीज कहीं नहीं है. प्रदेश की साहित्यकारों, लेखकों, कवियों और विद्वानों के केन्द्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान है. इन सभी को एक मंच प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने इस आयोजन का निर्णय लिया है.

प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने बताया कि राज्य के वर्ष 2019-20 के बजट में राजस्थान के साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, चिंतकों, कला विदाओं आदि को एक मंच उपलब्ध कराने के लिए जयपुर में राजस्थानी लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजन की घोषणा की गई है. इसके लिए एक स्थायी आयोजन समिति के गठन और वर्ष 2019-2020 में 2 करोड़ रूपये की राशि आवंटित करने का प्रावधान किया गया है.