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राजस्थान: उद्योग आयुक्त ने की योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश

जयपुर में उद्योग विभाग की मासिक समीक्षा बैठक उद्योग भवन में वीडियो कान्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता आयुक्त डा कृष्णा कांत पाठक ने की.

राजस्थान: उद्योग आयुक्त ने की योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
उद्योग विभाग की बैठक के दौरान मौजूद अधिकारी.

जयपुर: राजस्थान का उद्योग विभाग (Industries Department) अब युवाओं को स्वरोजगार(Self Employment) के लिए प्रेरित कर उद्यमी बनाएगा. उद्योग आयुक्त डॉ. कृष्णा कांत पाठक ने बताया कि राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों, प्रबंधन संस्थानों व तकनीकी संस्थानों में एक दिवसीय उद्यम पाठशाला का आयोजन कर अध्ययनरत युवाओं को उद्यम लगाने या अपना कारोबार शुरु करने की गुर सिखाई जाएगी.

जयपुर में उद्योग विभाग की मासिक समीक्षा बैठक उद्योग भवन में वीडियो कान्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता आयुक्त डा कृष्णा कांत पाठक ने की. इस दौरान उद्योग आयुक्त ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्रों से रूबरू हुए. साथ ही बीआरएपी, डीआरएम, सुविधा परिषद, एमआईएफसी, मेला पदर्शनी, हाट सहित विभिन्न बिंदुओं पर मंथन हुआ.

बैठक में गहलोत सरकार की विभिन्न उद्योग हितैषी योजनाओं पर मंथन हुआ. साथ ही मुख्यमंत्री लद्यु उद्योग ऋण पोर्टल के बारे में भी चर्चा की गई. उद्योग आयुक्त ने स्टार्टअप्स के कर्ज आवेदनों को प्रमुखता से निपटारे की बात कही.

योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
उद्योग आयुक्त ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में वर्तमान सरकार (Gehlot Government) की विभिन्न योजनाओं और बजटीय प्रावधानों की प्रगति की समीक्षा की. इसके साथ ही कुछ योजनाओं की रफ्तार धीमी होने के चलते अधिकारियों को तेजी बरतने के निर्देश दिए गए. अब औद्योगिक विवादों का निस्तारण के लिए राज्य व जिला स्तर पर अधिकार संपन्न समितियां बनाई जा चुकी है. इनकी पहली बैठक 15 सितंबर तक करने और भविष्य में नियमित बैठक के निर्देश दिए. उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्याक्रम में ऋण वितरण की धीमी गति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए.

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युवाओं के लिए लगेगी उद्यम पाठशाला
आयुक्त डॉ. पाठक शुक्रवार को उद्योग भवन में जिला उद्योग केन्द्रों के महाप्रबंधकों से वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से रुबरु हो रहे थे. उन्होंने कहा कि अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत युवाओं को शिक्षण संस्थान में ही रोजगारपरक जानकारी, केन्द्र व राज्य की योजनाओं, औपचारिकताओं और ऋण सुविधा संबंधी जानकारी दी जाएगी ताकि युवा स्वयं अपना उद्यम या रोजगार शुरु कर सके. 

उद्योग आयुक्त ने कहा कि जिला उद्योग केद्रों को युवाओं में अवेयरनेस का अभियान चलाना होगा ताकि इससे युवाओं को रोजगार, प्रदेश में छोटे-बड़े उद्यमों की स्थापना, नवाचार को प्रोत्साहन और देश और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को विस्तारित किया जा सके.

कलस्टर डवलपमेंट पर बैठक
कलस्टर आधारित विकास को ध्यान में रखते हुए जिले में कम से कम एक कलस्टर की इस माह के अंत तक बेसलाइन सर्वे कर भिजवाने के निर्देश डॉ. पाठक ने दिए. राज्य सरकार शीघ्र ही युवाओं और उद्यम विकास के लिए नई योजनाएं लेकर आ रही है इसके लिए अभी से जिला उद्योग केन्द्रों को सक्रिय होना होगा.

वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में अतिरिक्त निदेशक अविन्द्र लढ़डा, आरके आमेरिया, संजीव सक्सेना, वितीय सलाहकार युगांतर कुमार, संयुक्त निदेशक वाईएन माथुर, एसएस शाह, पीआर शर्मा, सीबी नवल, पीएन शर्मा उपनिदेषक चिरंजी लाल, निधि शर्मा, धर्मेन्द्र पूनिया, केके पारीक सहित आला अधिकारी मौजूद रहे.