close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: निकाय चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवारों को रावण, कुंभकरण और मेघनाथ का सहारा

निकाय चुनावों से पहले जनप्रतिनिधि अपनी राजनीति चमकाने के लिए नए नए हथकंडे अपना रहे हैं.

राजस्थान: निकाय चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवारों को रावण, कुंभकरण और मेघनाथ का सहारा
प्रदेश में नवंबर में निकाय चुनाव होने जा रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान(Rajasthan) की 52 निकायों (Rajasthan Civic Elections 2019) पर नवंबर में चुनाव होने हैं. निकाय चुनावों से पहले जनप्रतिनिधि अपनी राजनीति चमकाने के लिए नए नए हथकंडे अपना रहे है. चुनावों में अपनी लोकप्रियता बढाने के लिए नेता रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले का सहारा ले रहे हैं.

दरअसल रावण दहन पर लगने वाले मेले के जरीए नेताजी अपनी लोकप्रियता बटौरने के लिए जगह-जगह मेले लगवा रहे हैं. अक्सर चुनावों के दौरान नेताजी जनता में बाहबाही लुटने और बोट बटरोने के लिए धन लुटाने से लेकर शराब तक पिलाते हैं. लेकिन इन निकाय चुनावों में अधिकांश नेताओं को रावण के जरीए ज्यादा लोकप्रियता बटोरने का मौका मिल रहा है. नवंबर में होने वाले निकाय चुनावों से पहले दशरावे पर रावण दहन का आयोजन करने में लगे हुए. सूबे के कई नेताओं ने दशहरे में रावण के पुतले की प्री-बुकिंग तक करवा ली हैं.

अगर राजधानी जयपुर की बात की जाए तो मुख्य रूप से आदर्श नगर, राजापार्क, विद्याघर नगर, वैशाली नगर, मानसरोवर, रामलीला मैदान सहित 15 से 16 स्थानों पर रावण दहन और दशहरे मेले का आयोजन होता हैं. लेकिन चुनावी साल में इस बार शहर से 40 से ज्यादा स्थानों पर रावण मेले का आयोजन किया जा रहा हैं.

चुनावों में अपनी लोकप्रियता हालिस करने के लिए गली मोहल्लो में नेताजी राजा राम की भूमिका नें नजर आ रहे हैं. लेकिन नेताजी की लोकप्रियता और जीत का फैसला को जनता को ही करना है.