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रामदेवरा बाबा का 65 साल का भक्त, 9 साल से घुटनों के बल आकर कर रहा दर्शन

भक्त सखाराम ने बाबा रामदेव से एक मन्नत मांगी थी जिसके बदले उन्होंने 12 बार कनक दण्डवत बाबा की समाधि के दर्शन की बात कही थी. इस दौरान नौंवी बार वो सफलतापूर्वक रामदेवरा पहुंचा है.

रामदेवरा बाबा का 65 साल का भक्त, 9 साल से घुटनों के बल आकर कर रहा दर्शन
बाबा का एक भक्त 34 दिन की यात्रा कर रामदेवरा पहुंचा.

जैसलमेर: कहते हैं कि आस्था से बड़ा कुछ भी नहीं होता. भगवान के प्रति अगर सच्ची श्रद्धा हो तो भक्त किसी भी विपरीत परिस्थिति से लड जाता है और उसकी इस लडाई में भगवान भी उसका पूरा साथ भी देते हैं. 

जी हां, हम बात कर रहे हैं जैसलमेर(Jaisalmer) जिले के रामदेवरा तीर्थ (Ramdevra) आने वाले एक भक्त की. जो पश्चिमी राजस्थान के इस महातीर्थ में घुटनों के बल चल कर आते है. सरहदी जिले बाड़मेर(Barmer) के बालोतरा के रहने वाला 65 वर्षीय सखाराम पिछले 9 साल से बालोतरा से रामदेवरा तक इसी तरह पहुंच रहे हैं.

9 साल से लगातार कर रहे दर्शन
भक्त सखाराम ने बाबा रामदेव से एक मन्नत मांगी थी जिसके बदले उन्होंने 12 बार कनक दण्डवत बाबा की समाधि के दर्शन की बात कही थी. इस दौरान नौंवी बार वो सफलतापूर्वक रामदेवरा पहुंचा है. तेज चिलचिलाती धूप और तांबे से भी तेज तपन पैदा करने वाली डांबर की सडके जिस पर पैदल चलना भी मुश्किल होता है. वहां सखाराम घुटनों के बल चलकर अपने श्रद्धेय बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने पहुंचते हैं.

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34 दिनों तक की लगातार यात्रा
मीडिया से बातचीत में सखाराम ने बताया कि पिछले 34 दिनों से वो लगातार यात्रा करते हुए रामदेवरा पहुंचे हैं. सखराम का कहना है इस कठिन यात्रा के लिये उसका शरीर भले ही बूढा हो गया हो लेकिन बाबा रामदेव उसे शक्ति प्रदान करते हैं जिसके बलबूते वो अपनी इस कठिन यात्रा को आसानी से पूरा कर लेता है. 

भूखे प्यासे पहुंचे बाबा की समाधि
सखाराम ने बताया कि पिछले 34 दिनों तक घुटनों के बल चलते हुए उसने प्रण किया था कि जबतक वह बाबा रामदेव के दर्शनन नहीं कर लेते तबतक अन्न भी गृहण नहीं करेंगे. ऐसे में भूखे प्यासे उपवास के साथ रामदेवरा पहुंचे सखाराम की भक्ति को देखकर रामदेवरा में हर कोई अचभिंत हो रहा था.

बाबा से की थी प्रार्थना
सखाराम ने यह भी बताया कि उसने 12 बार बाबा रामदेव जी समाधि पर दंडवत आने की मन्नत मांगी थी. जिसके बाद वह पिछले 9 वर्ष से कनक दंडवत करते हुए पहुंच रहे हैं. जब इस उम्र में वह दोनों हाथों पर उठा नहीं पा रहे है. इस दौरान इस वर्ष दंडवत कर आने की जगह घुटनों के बल चलकर बाबा रामदेव समाधि के दर्शन के लिए पहुंचे हैं.