राजस्थान की घटना पर मायावती की चेतावनी, कहा- मिल सकता है जैसे को तैसा जवाब

बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान बीएसपी(Rajasthan BSP) के नेताओं के साथ हुई घटना के बाद कांग्रेस(Congress) पर जमकर निशाना साधा है.

राजस्थान की घटना पर मायावती की चेतावनी, कहा- मिल सकता है जैसे को तैसा जवाब
बसपा सुप्रीमो मायावती.

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान बीएसपी(Rajasthan BSP) के नेताओं के साथ हुई घटना के बाद कांग्रेस(Congress) पर जमकर निशाना साधा है. 

मायावती ने एक ट्वीट में कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने पहले राजस्थान में बीएसपी विधायकों को तोड़ा और अब मूवमेंट को अघात पहुंचाने के लिए वहां वरिष्ठ लोगों पर हमला करवा रही है, जो अति-निन्दनीय व शर्मनाक है.

 

उन्होंने अपनी ट्वीट में कहा है कि कांग्रेस अम्बेडकरवादी मूवमेंट के खिलाफ काफी गलत परंपरा डाल रही है. ट्वीट में मायावती ने जैसे को तैसा जवाब लोग दे सकते हैं यह भी बात कही है.

आपको बता दें कि बीएसपी के नेशनल कोर्डिनेटर रामजी गौतम (RAMJI GAUTAM) का मुंह काला कर गधे पर बैठाकर घुमाने के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती की यह प्रतिक्रिया आई है.

 

जानिए पूरा घटनाक्रम
बसपा के राष्ट्रीय कोर्डिनेटर रामजी गौतम और प्रदेश प्रभारी सीताराम को बसपा के नाराज कार्यकर्ताओं ने बनीपार्क स्थित प्रदेश कार्यालय पर मुंह काला करके गधों पर बैठाकर घुमाया. राजधानी जयपुर में सुबह बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर का मुंह काला करके गधे पर बैठाकर घुमाने का मामला सामने आया है. यह घटनाक्रम जयपुर स्थित बसपा पार्टी मुख्यालय पर हुआ. उत्तर प्रदेश से जयपुर पहुंचे नेशनल कोऑर्डिनेटर समेत दो पार्टी पदाधिकारियों को कुछ बसपा कार्यकर्ताओं ने घेर लिया. टिकट बेचने और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए उनके मुंह पर कालिख पोत दी गई.

इस दौरान गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मुंह पर कालिख पोत कर दोनों के गले में जूते-चप्प्ल की माला पहनाई और गधे पर बिठाकर घुमाया भी. इस दौरान पदाधिकारी ऐसा नहीं करने तक की गुहार लगाते नजर आए. 

ये सारा विवाद कुछ दिन पहले उस समय शुरू हुआ था जब बसपा के छह विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे. कार्यकर्ता इस बात से नाराज थे और आरोप लगा रहे थे कि बसपा में टिकट बेचे जाते है.

बसपा में इस तरह के विवाद लगातार आ रहे हैं. बसपा से चुनाव जीते विधायक राजेन्द्र गुढा ने भी आरोप लगाए थे कि बसपा में टिकट बेचे जाते है. इसके बाद से ही ये विवाद और बढ गया था. कुछ दिन पहले 6 विधायक उदयपुरवाटी से राजेंद्र गुढा,नगर से वाजिब अली, नदबई से जोगिंदर अवाना, तिजारा से संदीप यादव, किशनगढ़ बास से दीपचंद खेरिया और करौली से लाखन सिंह ने बसपा विधायक दल का विलय कांग्रेस में कर लिया था. इससे पहले 2009 में भी इसी तरह बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस पार्टी में शामिल किया था.