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राजस्थान: कोटा में सालों बाद हुई इतनी ज्यादा बारिश, टूटा 48 साल का रिकॉर्ड

जानकारी के अनुसार, साल 1971 में कोटा में 1500 एमएम बारिश दर्ज की गई थी. जबकि इस बार की बात की जाए कोटा में अब तक 1500.2 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है.

राजस्थान: कोटा में सालों बाद हुई इतनी ज्यादा बारिश, टूटा 48 साल का रिकॉर्ड
मौसम विभाग डडवाड़ा के पास 1956 से अब तक का रिकॉर्ड उपलब्ध है. (फाइल फोटो)

कोटा: बूंद बूंद के लिए तरसते राजस्थान पर इस बार इंद्रदेव इतने मेहरबान हुए कि सालों का रिकॉर्ड टूट गया. कोटा में भी इंद्रदेव की मेहरबानी से बारिश ने 48 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है. जी हां उम्मीद से ज्यादा बरसे मेघा ने एक दो साल का नहीं पूरे 48 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

जानकारी के अनुसार, साल 1971 में कोटा में 1500 एमएम बारिश दर्ज की गई थी. जबकि इस बार की बात की जाए कोटा में अब तक 1500.2 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है. यानि 1971 के बाद 2019 में पहली बार इतनी बारिश हुई है.

दरअसल मौसम विभाग डडवाड़ा के पास वर्ष 1956 से अब तक का रिकॉर्ड उपलब्ध हैं. इस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 1971 के बाद अब तक इतनी बारिश नहीं हुई है.

बांधों से पानी निकासी का भी टूटा रिकॉर्ड
चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधीसागर से कुल पानी  निकासी की क्षमता 450000 क्यूसेक के जगह 15 सितंबर तक  अधिकतम 1631761 क्यूसेक पानी की आवक हुई. जिसके कारण 15 सितम्बर को गांधीसागर का गेज 1318.87 फीट हो गया था. जबकि अमूमन 1313 फीट तक ही रहता है. इसके चलते गांधी सागर के नीचे स्थित सभी बांधों को अधिकतम निकासी क्षमता पर खोला गया.

चंबल के चारों बांधों से हुई निकासी
इस सीजन में चम्बल के चारों बड़े बांध गांधीसागर, राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर व कोटा बैराज से 11 हजार मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की निकासी की जा चुकी है. जानकारी के अनुसार, कोटा बैराज 1960 में बना था. लेकिन तब से अब तक इस बार सबसे बड़ी 7 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई.जिसके चलते कोटा की निचली बस्तियों में बाढ़ के हालात बन गए.

तबाही लेकर आई बारिश
इस बार की ये बारिश सैकड़ों लोग के लिए तबाही लेकर आई,तो बड़े पैमाने पर जनजीवन को प्रभावित किया,तो वहीं इस बार की बारिश ने किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं.