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आंध्र प्रदेश: पांचवीं बार लाल चंदन चुराने पहुंचे थे तस्कर, STF के हत्थे चढ़े

लाल चंदन की लकड़ी की विदेशों में खासी मांग है जिसके चलते इनको निर्यात करके तस्कर एक अच्छी खासी रकम कमा लेते हैं.

आंध्र प्रदेश: पांचवीं बार लाल चंदन चुराने पहुंचे थे तस्कर, STF के हत्थे चढ़े
तस्करों से जब्त की गई कीमती लाल चंदन की लकड़ियां.

अमरावती: आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) पुलिस के विशेष टास्क फोर्स (Special Task force) के जवानों ने गुरुवार सुबह चार तस्करों को पकड़ा, जो आंध्र प्रदेश की तिरुमाला हिल्स से लाल चंदन की तस्करी (Sandalwood smuggling) कर रहे थे. चंदन लकड़ी की तस्करी और उसे काटना आंध्र प्रदेश में काफी समय पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है ताकि इसको खत्म होने से बचाया जा सके.

तमिलनाडु के रहने वाले चारों आरोपी लाल चंदन की 13 लकड़ियां काटकर तिरुमाला हिल्स से किसी अज्ञात जगह पर ले जा रहे थे जिसका खुलासा अभी नहीं हुआ है. मुरुगेसन जयपाल, रामलिंगम अरुणाचलम, भूपाल कंदस्वामी और पेरुमल नाम के इन चारों शख्स ने इससे पहले भी चार बार उसी गाड़ी से चंदन की लकडियों को काटकर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया था जिसकी किसी को खबर तक नहीं हुई थी. हालांकि पांचवी बार उनकी बदकिस्मती रही कि उन्हें धर लिया गया.

ज़ी संवाददाता से बातचीत पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एसपी रवि शंकर ने बताया, ''जब हमने इन चार लोगों को गिरफ्तार किया और हमारी प्रारंभिक जांच की, तो हमें पता चला कि एक ही वाहन (TN 07 AL 3903) का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जाता था. पहले के सभी चार मौकों पर आरोपी बिना पता लगाए लाल चंदन की तस्करी कर चुके थे, लेकिन इस बार पकड़े गए.''

लाल चंदन की लकड़ी की विदेशों में खासी मांग है जिसके चलते इनको निर्यात करके तस्कर एक अच्छी खासी रकम कमा लेते हैं. यह कीमती लकड़ी तिरुमाला और तिरुपति सहित चित्तूर जिले में बड़े पैमाने पर पाई जाती है. आंध्र प्रदेश में पिछले कई दशकों से लाल चंदन की तस्करी में इजाफा हुआ है.