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रजिस्ट्रार दफ्तर में भी सुरक्षित नहीं आपकी जमीन की रजिस्ट्री-बड़ा खुलासा

काश्तकार भगवान सहाय सैनी ने 2007 में 2 बीघा जमीन बेची थी ,अगस्त 2018 में उस जमीन की नकल कॉपी निकालवाई तो जमीन की हेराफेरी हो गई ।

रजिस्ट्रार दफ्तर में भी सुरक्षित नहीं आपकी जमीन की रजिस्ट्री-बड़ा खुलासा

दीपक गोयल,जयपुर: कल्पना कीजिए किसी बैंक के लॉकर में आपका सामान रखा है उस लॉकर की एक चाबी आपके पास है फिर भी लॉकर के सामान में हेरा-फेरी हो जाती है तो इसे आप क्या कहेंगे.लेकिन इससे ज्यादा चौकाने वाला मामला जमीनों की रजिस्ट्री के लिए जिम्मेदार सब रजिस्ट्रार के दफ्तर से उजागर हुआ है. दरअसल 12 साल पहले बेची गई जमीन की रजिस्ट्री के कागजात में कांट-छांट कर चहेतों को फायदा पहुंचाने की कारगुजारी सामने आई है.गरीब काश्तकार को चपत लगाकर करीब 2.50 करोड़ की कीमत की जमीन कागजों में नाम करने के मामले ने रजिस्ट्री विभाग के अफसरों पर सवाल खडे कर दिए हैं.

चैक से होने वाले बैंकिंग लेन देन के दौरान उजागर होने वाली गडबडियों को दूर करने के लिए लगातार आरबीआई ने कई सुधार किए.लेकिन जो कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं वो आरबीआई से जुडी हुई नहीं है. मामला दरअसल जमीन की रजिस्ट्री से जुडा है.12 साल बाद रजिस्ट्री जैसे दस्तावेजों में सब रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा हेरा-फेरी कर विक्रेता को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है.
क्या था पूरा मामला -
4 जनवरी 2007 को भगवान सहाय ने अमिता अग्रवाल को बाईपास रोड स्थित नाहडी का फाटक ,नांगर जैसा बोहरा जयपुर तहसील में 2 बीघा जमीन का बेचान किया. इसकी बकायदा रजिस्ट्री भी हुई.परिवादी ने 28 मई 2009 में रजिस्ट्री की नकल निकलवाई. तो रजिस्ट्री के दस्तावेजों मे 2 बीघा जमीन का बेचान दिखाया गया. उसके बाद परिवादी भगवान सहाय सैनी ने 14 अगस्त 2018 को फिर से नकल निकलवाई तो उसमें भी अमिता अग्रवाल को 2 बीघा जमीन का बेचान दिखाया गया. लेकिन इसके एक माह बाद ही रजिस्ट्री की नकल में सबकुछ बदल गया. सब रजिस्ट्रार अस्मिता सिंह के कार्यकाल में 26 सितंबर 2018 को जब परिवादी भगवान सहाय सैनी ने फिर से रजिस्ट्री की नकल निकलवाई तो सबकुछ चौंकाने वाला था. परिवादी ने जब नकल की कॉपी देखी को उसके पैरो तले जमीन खिसक गई. उसमें देखा की रजिस्ट्री की पेज संख्या 2, 4, 5, 7, 8 में अपलेखन के बाद और पंजीकृत भूमि का कुल रकबा 2 बीघा से बढ़ाकर 2 बीघा 9 बीस्वा कर दिया गया. यानि की रजिस्ट्री में कांट-छांट करके अमिता अग्रवाल को करीब ढाई करोड रूपए की कीमत की जमीन नाम करके फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई. इस पूरे मामले को जयपुर संभागीय आयुक्त केसी वर्मा ने भी गंभीर मानते हुए परिवादी की शिकायत के बाद सब रजिस्ट्रार द्वितीय अस्मिता सिंह को नोटिस थमाकर स्पष्टीकरण मांगा है. वर्मा ने अपने नोटिस में कहा है की  14 अगस्त 2018 तक रजिस्ट्री की नकल ली गई उसमें कोई कांट-छांट नहीं है.लेकिन आपके सब रजिस्ट्रार पद पर अस्मिता सिंह के कार्यभार ग्रहण करने के बाद 26 सितंबर 2018 को जो नकल ली गई उसमें कुल रकबा 2 बीघा से बढाकर 2 बीघा 9 बीस्वा कर दिया गया. यह अभिलेखन आपके कार्यभार ग्रहण करने के बाद आपकी अभिरक्षा में रहने के बाद हुए हैं जो की धोखाधडी है.

इसी प्रकरण में दूसरा चौकाने वाला मामला भी सामने आया है. सब रजिस्ट्रार के साथ जयपुर तहसीलदार पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही अस्मिता सिंह ने पद के दुरूपयोग करने पर संभागीय आयुक्त केसी वर्मा ने नोटिस थमाया है. वर्मा ने नोटिस में साफ लिखा है. 16 जुलाई 2019 को शुद्धि पत्र तहसीलदार द्वारा खारिज कर दिया गया. जो की पृष्ठ संख्या 38 से 40 पर उपलब्ध है.क्योंकि यह शुद्धि पत्र नहीं हो करके किसी नामांतरण की अपील से संबंधित था. उसके बाद शुद्धि पत्र को बिना किसी प्रार्थना पत्र के, बिना किसी पटवारी या गिरदावर ने आपके समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करे बिना ही स्वविवेक पुनरावलोकन कर शुद्धि पत्र जारी कर दिया. तहसीलदार के पद का दुरूपयोग करते हुए भू-माफियाओं और अन्य खातेदारों को नाजायज फायदा पहुंचाया जबकि यह आपके अधिकारी क्षेत्र का नहीं था. वर्मा ने कहा की प्रथम दृष्टता रजिस्ट्री के दस्तावेजों में कांट-छांट करना सामने आया है....तहसीलदार को नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा गया है की किस नियम के तहत ये कांट-छांट की गई. कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने कहा की मामले की जांच करवाई जाएगी.यदि रजिस्ट्री के दस्तावेजों में हेरफेर की गई है तो कार्रवाई होगी

दरअसल जमीन का लालच इस कदर बढ़ता जा रहा है कि सांठ-गांठ करके लोग रजिस्ट्रियों में हेराफेरी करवाकर करोडों रूपए की जमीन अपने नाम करवाकर फायदा उठा रहे हैं. जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े सभी कागजात मुद्रांक एवं पंजीयन विभाग कार्यालय में सुरक्षित माने जाते हैं. लेकिन सब रजिस्ट्रार दफ्तर में सुरक्षित माने जाने वाले दस्तावेजों में हेराफेरी के प्रकरण ने पूरे सरकारी तंत्र को कठघरे में खडा कर दिया है