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चित्तौड़गढ़ में रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ खत्म, सुरक्षित निकाले गए 350 स्कूली बच्चे

रावतभाटा में स्थित भैसरोडगढ़ के आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में 350 छात्र करीब 72 घंटे से फंसे थे. 

चित्तौड़गढ़ में रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ खत्म, सुरक्षित निकाले गए 350 स्कूली बच्चे
बच्चों को ट्रैक्टर और बोट के जरिए निकाला गया.

चित्तौड़गढ़: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में स्थित भैसरोडगढ़ के आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में फंसे करीब 350 छात्रों को 72 घंटे का बाद रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है. बता दें कि यह बच्चे चितौड़गढ़ में बाढ़ के कारण पिछले 72 घंटे से बच्चे स्कूल में फंसे थे. इन नौनिहालों को दो रात अपने मां के आंचल से दूर सैलाब के साये के बीच ही बितानी पड़ी,

जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, राजस्थान के सबसे बड़े  राणा प्रताप सागर बांध में बढ़ते जल स्तर के चलते बांध के सभी गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है. पानी की निकासी होने के चलते रावतभाटा से भैंसरोडगढ़ जाने वाले मार्ग पर स्थित पुलिया पर बांध का पानी आ रहा है. जिससे पुलिया पर कई फीट ऊंची चादर चल रही है. इन्हीं हालातों के बीच आदर्श विद्या मंदिर मऊपुरा के छात्र 72 घंटे तक विद्यालय में फंसे रहे.

 

जानकारी के अनुसार, जल प्रलय के खौफ में फंसे इन नौनिहालों की ओर 2 दिन तक जब प्रशासन का ध्यान नहीं गया तो ग्रामीणों ने ही इनके खाने-पीने का इंतजाम किया. लेकिन जी राजस्थान ने जब इस पूरे मामले के प्रमुखता से उठाया तो शासन और प्रशासन की नींद टूटी और प्रशासन की ओऱ से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. ट्रैक्टर और बोट की मदद से बच्चों को बाहर निकाला गया.

वहीं, इस घटना ने एक बार फिर से प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है. सवाल ये कि जब 2 दिन बाद इन बच्चों को जिस ट्रैक्टर और बोट के जरिए निकाला गया तो ये कदम आखिर दो दिन पहले क्यों नहीं उठाए गए. अगर प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई होती तो इन बच्चे को 72 घंटे सैलाब के साये में नहीं बिताने पड़ते. हालांकि अब ये बच्चे अपने अपने घर पहुंच गए हैं और बच्चों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चों के परिजनों ने भी चैन की सांस ली.

गौरतलब है कि, बाढ़ की स्थिति को देखकर गहलोत सरकार भी पूरी तरह मुस्तैद हैं. जहां कई इलाकों में बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए आर्मी के जवानों को बुलाया गया हैं वहीं खुद सीएम अशोक गहलोत ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया.