अब राजधानी की इस सोसायटी को मिलेगी बिजली 5 रुपये सस्‍ती, दिल्‍ली बनेगी देश की पहली 'सोलर सिटी'

अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्‍ली को देश का पहला 'सोलर सिटी' बनाने का लक्ष्‍य रखा है. 2020 तक दिल्‍ली में सोलर एनर्जी के जरिये 1000 मेगावॉट और 2020 तक 2000 मेगावॉट तक बिजली का उत्‍पादन करना है.

अब राजधानी की इस सोसायटी को मिलेगी बिजली 5 रुपये सस्‍ती, दिल्‍ली बनेगी देश की पहली 'सोलर सिटी'
आईपी एक्‍सटेंशन की मिलन हाउसिंग सोसाइटी में सोलन एनर्जी पैनल का उद्धाटन दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया. इस दौरान डिप्‍टी सीएम मनीष सिसौदिया भी उपस्थित रहे.

नई दिल्‍ली : पूर्वी दिल्‍ली के आईपी एक्‍सटेंशन स्थित मिलन विहार सोसाइटी में रहने वाले बाशिंदों को अब पांच रुपए सस्‍ती बिजली मिलेगी. जी हां, यह संभव होगा इस हाउसिंग सोसाइटी में रेस्‍को मॉडल के तहत लगाए गए सोलन एनर्जी प्‍लांट के जरिये. दरअसल, मिलन विहार कोऑपरेटिव सोसाइटी में 140 किलोवाट पॉवर का सोलर प्‍लांट लगाया गया है. इस प्‍लांट से सालाना 1.7 लाख यूनिट बिजली का उत्‍पादन किया जाएगा. इस सोलर एनर्जी प्‍लांट का उद्घाटन रविवार को दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया है. अधिकारियों के अनुसार इस सोलर एनर्जी प्‍लांट के लगने से सोसाइटी को जनरेशन बेस्‍ड इंसेंटिव के तौर पर सालाना 3.4 लाख रुपए की कमाई भी होगी. 

अब देने होंगे महज 2.66 रुपए
दिल्‍ली सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार मिलन विहार सोसाइटी में पहली बार रेस्‍को मॉडल की तर्ज पर सोलर एनर्जी प्‍लांट स्‍थापित किया गया है. इस प्‍लांट को लगाने में कंपनी ने करीब 77 लाख रुपए खर्च किए है. जिन लोगों ने प्‍लांट को लगाने के लिए अपनी छत उपलब्‍ध कराई है, उन्‍हें यह कंपनी महज 4.66 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्‍ध कराएगी. वहीं इन उपभोक्‍ताओं को दिल्‍ली सरकार भी दो रुपए की सब्‍सिडी देगी. नतीजतन, कंपनी को छत मुहैया कराने वाले उपभोक्‍ताओं को एक यूनिट बिजली के एवज में सिर्फ  2.66 रुपए का भुगतान करना होगा.  

पहली सोलर सिटी का लक्ष्‍य
केजरीवाल सरकार ने दिल्‍ली को देश का पहला 'सोलर सिटी' बनाने का लक्ष्‍य रखा है. इसी लक्ष्‍य के तहत दिल्‍ली में रूफटॉप सोलर सिस्‍टम के तहत लगाए गए 1365 सोलर पैनल से 90 मेगावॉट तक बिजली का उत्‍पादन हो रहा है. इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए दिल्‍ली सरकार सोलर पॉलिसी लेकर आई है. जिसके तहत 2020 तक दिल्‍ली में सोलर एनर्जी के जरिये 1000 मेगावॉट और 2020 तक 2000 मेगावॉट तक बिजली का उत्‍पादन करना है. इस उत्‍पादन के जरिये बिजली की कुल मांग का सात फीसदी और पीक लोड का 21 फीसदी  खपत पूरी की जा सकेगी. इसके अलावा, सरकार ने 500 वर्ग मीटर से अधिक छत रखने वाले सभी सरकारी संस्‍थानों को सौर पैलन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है.

हर परिवार बचा सकेगा छह हजार रुपए
दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनुसार इस प्‍लांट के लगने के बाद सोसाइटी को सालाना करीब 25 लाख रुपए की बचत होने वाली है. यदि इस प्‍लांट को क्षमता को ढाई गुना बढ़ा दिया जाए तो चार सौ फ्लैट वाली इस सोसाइटी में हर परिवार की सालाना बचत करीब छह हजार रुपए होगी. उन्‍होंने कहा कि इस मॉडल को पूरी दिल्‍ली में लागू कर दिल्‍लीवासियों को 24 घंटे न्‍यूनतम दरों पर बिजली आपूर्ति की जा सकेगी.