RCA की पहली ईजीएम मीटिंग में हुआ हंगामा, जिला पदाधिकारी ने किया विरोध

आरसीए की मीटिंग शुरू होने से पहले ही मोबाइल बाहर छोड़ने की बात को लेकर हंगामा हुआ. जिस पर आरएस नांदू गुट के करीब आधा दर्जन सदस्यों ने मोबाइल बाहर रखने से इनकार कर दिया. 

RCA की पहली ईजीएम मीटिंग में हुआ हंगामा, जिला पदाधिकारी ने किया विरोध
आरसीए की मीटिंग शुरू होने से पहले ही मोबाइल बाहर छोड़ने की बात को लेकर हंगामा हुआ.

जयपुर: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की सोमवार को महत्वपूर्ण मीटिंग का आयोजन किया गया लेकिन इस मीटिंग में आरएस नांदू गुट की ओर से हंगामा देखने को मिला. पहले मीटिंग के दौरान मोबाइल मीटिंग हॉल में नहीं ले जाने पर हंगामा किया गया तो वहीं दूसरी बार हनुमानगढ़, टोंक और दौसा के सचिव को मीटिंग में शामिल नहीं होने पर हंगामा किया गया.

टोंक जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अनंद व्यास ने आरोप लगाते हुए कहा कि "ईजीएम की मीटिंग के लिए आरसीए की और से नोटिस भेजा गया साथ ही मेल पर भी इसकी जानकारी दी गई लेकिन जब मीटिंग में हिस्सा लेने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों द्वारा गेट पर ही लिस्ट में नाम नहीं होने का हवाला देकर रोक दिया गया."

वहीं दौसा जिला क्रिकेट एसोसिएशन सचिव ब्रजकिशोर उपाध्याय ने आरोप लगाया कि "जिन पदाधिकारियों को वोटिंग करने का अधिकार है उनको मीटिंग में शामिल होने का भी अधिकार है लेकिन आरसीए कार्यकारिणी की ओर से मनमानी की गई है. साथ ही पिछली ईजीएम मीटिंग में जो बिंदु शामिल नहीं थे उनको भी आज की मीटिंग में अप्रवुल दी गई है".

आरसीए की मीटिंग शुरू होने से पहले ही मोबाइल बाहर छोड़ने की बात को लेकर हंगामा हुआ. जिस पर आरएस नांदू गुट के करीब आधा दर्जन सदस्यों ने मोबाइल बाहर रखने से इनकार कर दिया. हालांकि बाद में सभी पदाधिकारियों ने मोबाइल बाहर रखकर ही मीटिंग में हिस्सा लिया. जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन सचिव रामप्रताप चौधरी ने बताया कि नई कार्यकारिणी द्वारा आरसीए में अपनी मनमर्जी दिखाई जा रही है. साथ ही मीटिंग के दौरान इतने पुलिस बल और मोबाइल बाहर रखने वाले की कोई जरुरत नहीं थी क्योंकि आज तक आरसीए में ऐसा नहीं हुआ है.

बहरहाल,पूरे हंगामे के बीच आरसीए कार्यकारिणी की ओर से राजस्थान क्रिकेट को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए लेकिन विरोधी गुट इन फैसलों से भी नाराज ही नजर आए.