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राजीव गांधी के भारत रत्न की वापसी के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए: SAD

SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग का प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए.

राजीव गांधी के भारत रत्न की वापसी के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए: SAD
सुखबीर बादल ने एक बयान में बताया कि आप और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद ‘बेनकाब’ हो गए हैं. पहले राजीव गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया और बाद में ‘पलटते हुए’ दावा किया कि ऐसा नहीं किया गया. (फाइल फोटो)

चंडीगढ़: विपक्षी शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने शनिवार को मांग की है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव पारित करने के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए. 

दिल्ली विधानसभा में 1984 के सिख विरोधी दंगों पर पारित प्रस्ताव के दौरान राजीव गांधी के भारत रत्न को कथित रूप से वापस लेने के संदर्भ को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद यह मांग की गई है. 

SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने दावा किया कि शुक्रवार को राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने की मांग संबंधी प्रस्ताव दिल्ली विधानसभा में पारित होने के कुछ घंटों बाद ही आप ने ‘पलटी’ मार ली है. 

उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से अनुरोध किया है कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग का प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाये. 

बादल ने एक बयान में बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद ‘बेनकाब’ हो गए हैं. पहले राजीव गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया और बाद में ‘पलटते हुए’ दावा किया कि ऐसा नहीं किया गया. 

AAP ने दी सफाई 
वहीं दिल्ली विधानसभा के एक प्रस्ताव पर उठे विवाद के बाद आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को सफाई दी. आप के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दिल्ली विधानसभा से पारित प्रस्ताव में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का ‘भारत रत्न’ सम्मान वापस लेने की मांग का जिक्र नहीं होने का उल्लेख करते हुए शनिवार को कहा कि यह मांग संशोधित प्रस्ताव का हिस्सा थी, जिसे सदन से पारित नहीं किया गया.

सिसोदिया ने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिये विधानसभा में पिछले दो दिनों से चल रही चर्चा के दौरान पारित एक प्रस्ताव को लेकर यह विवाद पैदा हुआ था. उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन से पारित मूल प्रस्ताव में भारत रत्न सम्मान वापस लेने की बात शामिल नहीं थी. 

प्रस्ताव पारित किये जाने के समय सदन में मौजूद रहे आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पार्टी विधायक जरनैल सिंह को दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने संबंधी प्रस्ताव पेश करना था. इसी समय आप विधायक सोमनाथ भारती ने विधायकों को वितरित की गयी प्रस्ताव की प्रति पर गांधी का भारत रत्न सम्मान वापस लेने की मांग पेन से लिख कर उक्त प्रति जरनैल सिंह को सदन पटल पर पेश करने के लिये दे दी. 

भारद्वाज ने कहा मूल प्रस्ताव ही सदन से पारित हुआ जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़ी मांग का जिक्र नहीं था. उन्होंने माना कि भारत रत्न लौटाने की मांग को संशोधित प्रस्ताव का हिस्सा माना जा सकता है, जो कि पारित नहीं किया गया. 

राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लेने की मांग से इत्तेफाक रखने के सवाल पर सिसोदिया ने कहा, ‘हमारा ऐसा कोई विचार नहीं है कि राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लिया जाए.’

(इनपुट - भाषा)