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शिवसेना के साथ सत्ता में भागीदार होना विनाशकारी कदम होगाः संजय निरुपम

हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व सीएम अशोक चव्हाण सभी विधायकों के साथ जयपुर में बैठे हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि एनसीपी-शिवसेना गठबंधन को कांग्रेस बाहर से समर्थन दे सकती है.

शिवसेना के साथ सत्ता में भागीदार होना विनाशकारी कदम होगाः संजय निरुपम
फाइल फोटो

मुंबई: महाराष्ट्र में जहां एक तरफ जहां शिवसेना-एनसीपी में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है वहीं कांग्रेस पार्टी में शिवसेना के साथ सत्ता में साझेदार होने को लेकर नेताओं की अलग अलग राय सामने आ रही है. बता दें कि हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व सीएम अशोक चव्हाण सभी विधायकों के साथ जयपुर में बैठे हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि एनसीपी-शिवसेना गठबंधन को कांग्रेस बाहर से समर्थन दे सकती है.

लेकिन मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने महाराष्ट्र में कांग्रेस के शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने की रणनीति को विनाशकारी कदम बताया है. संजय निरुपम ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'महाराष्ट्र में वर्तमान राजनीतिक अंकगणित में,कांग्रेस-एनसीपी के लिए कोई भी सरकार बनाना असंभव है. उसके लिए हमें शिवसेना चाहिए. और हमें किसी भी परिस्थिति में शिवसेना के साथ सत्ता साझा करने के बारे में नहीं सोचना चाहिए. यह पार्टी के लिए विनाशकारी कदम होगा.'

वहीं दूसरी तरफ मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को लगता है कि राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन को न्योता भेजना चाहिए. मिलिंद देवड़ा रविवार को अपने ट्वीट में लिखा, 'क्योंकि राज्य में बीजेपी-शिवसेना के बाद एनसीपी-कांग्रेस का गठबंधन दूसरा सबसे बड़ा गठबंधन है और बीजेपी-शिवसेना मिलकर सरकार नहीं बना रही है तो हमें मौका मिलना चाहिए'. 

बता दें कि महाराष्ट्र में राजभवन से बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता तो भेजा जा चुका है लेकिन बीजेपी अभी तक संख्या को लिए आश्वस्त नहीं है. ऐसे में बहुमत साबित करने से पहले पार्टी अभी तक यह निर्णय नहीं ले पाई है कि राजभवन के न्योते पर क्या जवाब भेजा जाए. वहीं दूसरी तरफ ऐसा बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे और शरद पवार में साझा सरकार बनाने को लेकर बात लगभग बन गई है और शिवसेना और एनसीपी की साझा सरकार को कांग्रेस का बाहर से समर्थन होगा. खबर यह भी है कि अंतिम निर्णय एक दो दिन में होने की संभावना है.

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ऐसी भी खबर है कि शरद पवार और सोनिया गांधी सोमवार तक इस नये गठबंधन पर मुहर लगा सकते है. आज जयपुर मे ठहरे महाराष्ट्र के कांग्रेस के विधायकों की शिवसेना की अगुआई में सरकार बनाने की राय लेकर पार्टी सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपेगी और कांग्रेस आला कमान इस पर आखिरी फैसला लेगा.

सूत्रों के अनुसार मंगलवार को एनसीपी की बैठक मे शरद पवार शिवसेना को समर्थन देने के पार्टी के फैसले पर नवनिर्वाचित विधायकों की राय लेंगे. गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता भेजा है बीजेपी को राजभवन को सोमवार शाम तक सरकार बनाने को लेकर जवाब देना है. बीजेपी के ऐसा ना कर पाने की हालत मेँ शिवसेना की अगुवाई मे एनसीपी और कांग्रेस सरकार बनाने का दावा ठोंकने की तैयारी पूरी कर चुकी है. 

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वर्तमान में शिवसेना के 56 विधायक हैं और उसके पाल 7 निर्दलीय का समर्थन है. ऐसे में शिवसेना के पास कुल विधायक 63 विधायकों का समर्थन है. वहीं एनसीपी के 54 विधायक हैं और उसके पास कांग्रेस के 44 विधायकों का साथ है. ऐसे में कुल विधायकों का संख्या बल 63+54+44=162 हो जाता है. खबर यह भी है कि एक से दो दिन में शरद पवार सोनिया गांधी से भी मुलाकात करेंगे और 12 नवम्बर को पार्टी के विधायकों को संबोधित कर महाराष्ट्र में नई सरकार का ऐलान करने की तैयारी में है.

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