सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करने की शर्त पर जमानत देने के मामले में SC ने केंद्र और UP सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. 

सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करने की शर्त पर जमानत देने के मामले में SC ने केंद्र और UP सरकार से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट का फाइल फोटो।

नई दिल्ली: क्या जमानत देते वक्त कोर्ट आरोपी को सोशल मीडिया (Social Media) के इस्तेमाल से रोक सकता है? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस भेजा है. दरअसल, ट्रायल कोर्ट के एक फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें एक कांग्रेस नेता को जमानत सिर्फ इस शर्त पर दी गई है कि वो सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेगा. 

मामला अमरोहा से कांग्रेस नेता सचिन चौधरी के खिलाफ है. सचिन ने लॉकडाउन में बिना इजाजत के प्रेस कांफ्रेंस की थी. जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए शर्त रखी कि वो फिलहाल सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेंगे. इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. कोर्ट ने सवाल किया है कि क्या इस तरह के प्रतिबंध तब लगाए जा सकते हैं जब अपराध का सोशल मीडिया पहुंच से कोई लेना-देना न हो?

शीर्ष न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश (CJI) एस ए बोबडे ने कहा कि हमें नहीं लगता कि यह बहुत बुरा है कि अगर सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की भागीदारी क्षति करती है तो अदालत यह क्यों नहीं कह सकती कि आप उस उपकरण का उपयोग न करें जिसके द्वारा आप क्षति करते हैं? बताते चलें कि याचिकाकर्ता की ओर से सलमान खुर्शीद ने कहा कि मेरे क्लाइंट के खिलाफ सोशल मीडिया के इस्तेमाल से संबंधित कोई आरोप नहीं है.

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