छात्रवृत्ति घोटाला: कॉलेज मैनेजमेंट ने साल के बीच में बढ़ाई 'स्कॉलरशिप पाने वाले छात्रों' की फीस

कॉलेज मैनेजमेंट ने छात्रों को अल्टीमेटम भी दिया है कि दो दिन के अंदर अगर बढ़ी फीस जमा नहीं की जाती है तो आपको कॉलेज से बाहर कर भविष्य बर्बाद कर दिया जायेगा

छात्रवृत्ति घोटाला: कॉलेज मैनेजमेंट ने साल के बीच में बढ़ाई 'स्कॉलरशिप पाने वाले छात्रों' की फीस

नई दिल्‍ली (मो.ताहिर): उत्‍तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में एक कॉलेज में बड़े छात्रवृत्ति घोटाले का मामला सामने आया है. कॉलेज प्रबंधन ने बीच सत्र में कोर्स की फीस बढ़ा दी और फीस सिर्फ उन छात्रों की बढ़ाई गई, जिन्‍हें सत्र 2019-2020 में सरकार द्वारा छात्रवृत्ति दी गई. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि "छात्रवृत्ति कॉलेज के लिए आती है बच्‍चों के लिए नही".

कॉलेज मैनेजमेंट ने छात्रों को अल्टीमेटम भी दिया है कि दो दिन के अंदर अगर बढ़ी फीस जमा नहीं की जाती है तो आपको कॉलेज से बाहर कर भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा, जिसका छात्रों ने विरोध करते हुए हंगामा किया. छात्रों ने कॉलेज मैनेजमेंट पर आरोप लगाया के बिना बताए कॉलेज मैनजमेंट ने फीस बढ़ा दी है, जबकि उनके पास नो ड्यूज की स्‍लीप भी है, जिस पर कॉजेल मैनेजमेंट की मुहर भी लगी हुई है. 

जिसके बाद कॉलेज के डॉयरेक्‍टर ने छात्रों में झगड़े की झूठी सूचना पुलिस को देकर छात्रों को डराने की कोशिश की. पूरा मामला पिलखुवा में संचालित संस्‍कार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पुराना नाम SGIT) का है. 

कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा कोई सुनवाई ना होने पर छात्रों ने हापुड़ डीएम और सीओ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मदद की गुहार लगाई. इसके बाद डीएम ने सीडीओ को सात दिन में मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए. 

बीटेक थर्ड ईयर के छात्र अभिषेक ओझा ने बताया कि 'कॉलेज में बड़ी धांधली चल रही है. एक ही क्लास के छात्रों की फीस अलग-अलग है. कॉलेज स्कॉलरशिप से भी ज्यादा पैसे मांग रहा है. हमारी 50 हजार की स्कॉलरशिप आई है. कॉलेज 57 हजार 700 रुपये मांग रहा है, जबकि हमारा एडमिशन 32 हजार रुपये में हुआ था, जिसकी फीस हम कॉलेज को जमा कर चुके है. उसकी रसीद भी हमारे पास है, जिस पर कॉलेज की मुहर भी लगी हुई है. हमारा एडमिशन स्कॉलरशिप पर आधारित नहीं है तो हम कॉलेज को पैसा क्‍यों दे.'

कॉलेज के मीडिया प्रभारी मुन्ना मिश्रा ने बताया कि 'सरकार द्वारा मिलने वाली छात्रवृत्ति पर कॉलेज का पूरा हक होता है. वह फीस बच्चों को पूरी की पूरी कॉलेज को जमा करनी होती है. हालांकि इस साल कोई फीस नहीं बढ़ाई गई है'. वहीं कालेज के डारेक्टर विनीश कुमार ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया.

छात्रवृत्ति पर कॉलेज का हक कब

दरअसल, छात्रवृत्ति पर कॉलेज का हक तब होता है जब बच्‍चों का एडमिशन स्कॉलरशिप पर आधारित हो. अगर ऐसा होता है तो सरकार द्वारा छात्रों को मिली स्कॉलरशिप पर पूरा हक कॉलेज का होता है. अगर किसी छात्र का एडमिशन स्कॉलरशिप पर आधारित नहींं है और उसे सरकार द्वारा स्कॉलरशिप मिली है तो उस पर पूरा हक सिर्फ छात्रों का होता है.