अमरावती: जिला प्रशासन की बेहतरीन पहल, ईंट-भट्ठा मजदूरों के बच्चों के लिए बनाया गया स्कूल

महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट इलाके में आदिवासियों की अधिक जनसंख्या है. 

अमरावती: जिला प्रशासन की बेहतरीन पहल, ईंट-भट्ठा मजदूरों के बच्चों के लिए बनाया गया स्कूल

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट इलाके में आदिवासियों की अधिक जनसंख्या है. अधिकतर आदिवासी यहां ईंट-भट्टे पर मजदूरी का काम करते हैं. इन आदिवासी मजदूरों के साथ उनके बच्चे भी साथ आते हैं और काम में हाथ बंटाते हैं. अमरावती के जिला कलेक्टर शैलेश नवाल के प्रयास से अब इन बच्चों को शिक्षा की मूल धारा में लाने का प्रयास चल रहा है.

इन बच्चों के लिए चिखलदरा इलाके में एक स्कूल बनाया गया है. मजदूरों के 56 बच्चे इस स्कूल में पढ़ रहे हैं. जिला परिषद के 5 शिक्षकों ने इन बच्चों का स्कूल में एडमिशन करवाया है. इसमें से 13 छात्र आंगनवाड़ी के हैं जो पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं.

चिखलदरा पंचायत समिति के ग्रुप शिक्षा अधिकारी संदीप बोडके ने मेलघाट इलाके के स्कूलों का दौरा किया था, तब स्कूलों में बच्चों की संख्या कम थी. बच्चे शिक्षा सें वंचित ना रहे इसलिए अंजनगाव बारी में ईंट भट्टा मजदूरों के लिए स्कूल बनाया गया है.

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यहां बच्चों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई. छात्रा शारदा ठाकरे बताती हैं कि हमारे माता-पिता ईंट-भट्टे पर काम करते हैं, पहले हम सिर्फ खेलते रहते थे लेकिन अब हम पढ़ने स्कूल आते हैं.