चक्रवाती तूफान 'बुलबुल', पश्चिम बंगाल में कई जगह टूटे पेड़, ओडिशा में एक की मौत

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके से टकराया चक्रवाती तूफान बुलबुल आज सुबह करीब साढ़े 5 बजे कमजोर पड़ गया. 

चक्रवाती तूफान 'बुलबुल', पश्चिम बंगाल में कई जगह टूटे पेड़, ओडिशा में एक की मौत

कोलकाता: चक्रवाती तूफान 'बुलबुल' (Bulbul Cyclone) बीती रात पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके से रात करीब 02.30 बजे टकराया. चक्रवाती तूफान का केंद्र पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के सुंदबनी नेशनल पार्क से दक्षिण पश्चिम में रहा. यहां से पश्चिम बंगाल की तटीय सीमा करीब 12 किलोमीटर दूर थी. रविवार सुबह होते होते यह तूफान शांत हो गया औऱ बांग्लादेश की तरफ बढ़ गया. हालांकि इस दौरान यहां तेज हवाएं चली और कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई.

पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में 200 लोगों को सागर पायलट स्टेशन कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट शिफ्ट किया गया है. यहां कमांडरों और पायलटों द्वारा उन्हें भोजन भी दिया गया है. वहीं ओडिशा के पुरी में दीवार गिरने से एक व्यक्ति के मारे जाने की भी खबर है. मरने वाले शख्स का नाम लोकनाथ दास बताया जा रहा है वह पुरी ब्लॉक के कांती गांव के निवासी थे. 

इसके अलावा ओडिशा में भी इस तूफान के चलते कृषि को नुकसान की खबर है. ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर प्रदीप जेना ने बताया, 'शुरुआती आकलन से पता चलता है कि उत्तरी-तटीय जिलों में 6 लाख हेक्टेयर खेत पर 30 से 40 प्रतिशत धान की फसल को चक्रवात बुलबुल के कारण काफी नुकसान हुआ है.'

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके से टकराया चक्रवाती तूफान बुलबुल आज सुबह करीब साढ़े 5 बजे कमजोर पड़ गया. ऐसा बताया जा रहा है कि तूफान बुलबुल अब उत्तर पूर्व बांग्लादेश की तरफ बढ़ गया है. अगले 6 घंटों में इसके शांत होने की आशंका है. 

 

बता दें कि शनिवार देर रात से ही इस चक्रवात की आहट के बीच पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी है. अनुमान है जताया जा रहा था कि इस चक्रवात से पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपूपारा के इलाके में इसका प्रभाव दिख सकता है.

मौसम विभाग ने कहा था कि तट से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान कमजोर हो सकता है. हालांकि यह भी दावा किया गया था कि इस दौरान 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. खबर है कि तूफान से पहले हुई भारी बारिश की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा दो लोगों की मौत हुई है.

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वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चक्रवाती तूफान को लेकर ट्वीट किया. उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'तूफान बंगाल से गुजरने वाला है. हमारा राज्य प्रशासन स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है. हम किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हर तरह की तैयारी कर चुके हैं. एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने स्पेशल कंट्रोल रूम स्थापित किया है.'

उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखा गया है. वहीं संवेदनशील तटीय इलाकों से 1 लाख 20 हजार से भी अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. वहीं, मुख्य सचिव असित त्रिपाठी ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और इससे निपटने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

कोलकाता हवाईअड्डे पर शाम 6 बजे से संचालन बंद
भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने शनिवार को कहा कि चक्रवाती तूफान बुलबुल (Bulbul Cyclone) की प्रचंडता को देखते हुए एहतिहातन कोलकाता हवाईअड्डे पर संचालन बंद कर दिया गया है. सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, हवाईअड्डे पर उड़ानों का संचालन शनिवार शाम छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक बंद रहेगा. अधिकारी ने कहा, 'चक्रवात के दस्तक देने से पहले संचालन बंद करने का फैसला एहतिहातन लिया गया है.'

बुलबुल (Bulbul Cyclone) से निपटने को तैयार नौसेना
प्रचंड चक्रवाती तूफान बुलबुल (Bulbul Cyclone) के प्रभाव से होने वाले किसी भी तरह की समस्या से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने अपने विमानों और तीन जहाजों को तैयार रखा है. यह जानकारी सुरक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी. प्रवक्ता ने कहा कि ईस्टर्न नेवल कमांड (ईएनसी) ने उत्तरी दिशा में बढ़ रहे चक्रवाती तूफान पर करीब से नजर बनाए रखा है.

प्रवक्ता ने कहा, 'बंगाल की खाड़ी में तैनात किए गए नौसेना के विमान, मछुआरों को चक्रवाती तूफान को देखते हुए चेतावनी देने के साथ उन्हें करीबी बंदरगाह पर आश्रय लेने की सलाह दे रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'भारतीय नौसेना के तीन जहाजों को राहत साम्रगी के साथ विशाखापत्तनम में तैनात किया गया है, ताकि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.' ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राहत कार्य के लिए दस गोताखोर और चिकित्सीय दलों को भी तैयार रखा गया है.