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निजी हाथों में गई लालकिले की जिम्मेदारी तो भड़के इमाम, बोले- ये सरकार के लिए शर्म की बात

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के मौलाना साजिद रशीदी भी इस फैसले से नाराज नजर आए और उन्होंने सरकार को अपना निर्णय वापस लेने की सलाह दी.

निजी हाथों में गई लालकिले की जिम्मेदारी तो भड़के इमाम, बोले- ये सरकार के लिए शर्म की बात

नई दिल्‍ली: नरेंद्र मोदी सरकार ने 'एडॉप्‍ट ए हेरिटेज' के तहत देश की राजधानी दिल्ली में मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाए गए लाल किले में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्‍मेदारी निजी हाथों में दे दी है. अब दिल्‍ली स्थित लाल किले की देखरेख डालमिया समूह करेगा. इस कॉन्ट्रैक्ट की जानकारी जैसे ही खबरों में आई सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. तमाम लोग इसके पक्ष में तर्क करते नजर आए तो वहीं कई लोगों ने इसके लिए मोदी सरकार पर निशाना साधा. ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के मौलाना साजिद रशीदी भी इस फैसले से नाराज नजर आए और उन्होंने सरकार को अपना निर्णय वापस लेने की सलाह दी.

इमाम रशीदी ने कहा- सरकार के लिए शर्म की बात है
इस फैसले पर मीडिया से बात करते हुए इमाम साजिद रशीदी ने कहा, "यह वास्तव में हमारी सरकार के लिए शर्म की बात है. वे एक मुस्लिम ऐतिहासिक स्मारक का ख्याल रखने में सक्षम नहीं हैं. वे एक मुस्लिम स्मारक का ख्याल रखने में नाकाम रहे हैं जो हमारी इस्लामी संस्कृति का हिस्सा है. उन्होंने इस संपत्ति को अगले 5 वर्षों तक डालमिया समूह को सौंप दिया है. वे इस इमारत के रखरखाव (लाल किले) में बुरी तरह विफल रहे हैं. सरकार सिर्फ एक किरायेदार है और डालमिया समूह मकान मालिक है. लाल किला भारतीय गौरव का प्रतीक है. यह वास्तव में शर्मनाक है और उन्हें अपना निर्णय वापस लेना चाहिए."

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लॉन्च की थी स्कीम 
जानकारी के मुताबिक एडॉप्ट ए हेरिटेज स्कीम पिछले साल सितंबर में वर्ल्ड टूरिज्म डे के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लॉन्च की थी. पांच करोड़ प्रति वर्ष के हिसाब से डालमिया ग्रुप ने 'मॉन्यूमेंट मित्राज़' पांच साल के लिए ज्वाइन किया था. जिसके बाद साइट के संचालन, देखभाल और रख-रखाव के लिए सीमेंट कंपनी अन्य निजी क्षेत्र की कंपनियों की लीग में शामिल हो गई थी. बता दें कि डालमिया ग्रुप ने ये कॉन्ट्रैक्ट इंडिगो एयरलाइंस और जीएमआर ग्रुप को हराकर जीता है. ये कॉन्ट्रैक्ट भी सरकार की ऐतिहासिक स्मारकों को गोद देने की स्कीम 'एडॉप्ट ए हेरिटेज' का हिस्सा है. 

15 अगस्त के भाषण के लिए वापस सिक्योरिटी एजेंसियों को देना होगा लाल किला
डालमिया ग्रुप संभवत: 23 मई से काम भी शुरू करने की प्रक्रिया में जुट जाएगी. इस में यह खाका तैयार होगा कि कैसे लाल किले का विकास हो. हालांकि 15 अगस्त के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले जुलाई में डालमिया ग्रुप को लालकिला फिर से सिक्योरिटी एजेंसियों को देना होगा. इसके बाद ग्रुप एकबार फिर से लाल किले को अपने हाथ में ले लेगा.

लालकिले के अंदर अपनी ब्रांडिंग करेगा डालमिया ग्रुप
बताया गया है कि लालकिला के कॉन्ट्रैक्ट को लेकर डालमिया भारत ग्रुप, टूरिज्म मिनिस्ट्री, आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के बीच बीते 9 अप्रैल को डील हुई थी. कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक ग्रुप को 6 महीने के भीतर लाल किले में बेसिक सुविधाएं देनी होंगी. एक साल के भीतर इसे टेक्सटाइल मैप, टॉयलेट अपग्रेडेशन, रास्तों पर लाइटिंग, बैटरी से चलने वाले व्हीकल, चार्जिंग स्टेशन और एक कैफेटेरिया बनाना होगा. इसके लिए डालमिया ग्रुप टूरिस्ट से पैसे चार्ज कर सकेगा. इसमें पीने के पानी की सुविधा, स्ट्रीट फर्नीचर जैसी सुविधा भी शामिल हैं. ग्रुप को जितना पैसा मिलेगा उसे वो पैसा फिर से लाल किले के विकास पर ही लगाना होगा. इसके अलावा ग्रुप लाल किले के भीतर अपनी ब्रांडिंग का उपयोग कर सकेगा.