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डीडवाना: शहीद शब्बीर खान को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

बीकानेर के महाजन रेंज में भारत और फ्रांस की सेना के बीच चल रहे संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान बैरल फटने से हुए हादसे में शहीद शब्बीर खान को उनके पैतृक गांव में नम आंखों ने अंतिम विदाई दी गई.

डीडवाना: शहीद शब्बीर खान को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
शहीद की पत्नी और तीन बच्चे हैं.

डीडवाना: राजस्थान(Rajasthan) के बीकानेर(Bikaner) के महाजन फायरिंग रेंज(Mahajan Firing Range) में भारत और फ्रांस की सेना के बीच चल रहे संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान सेना की आर्मर्ड कॉर्प(Armed Corp) की 90 रेजिमेंट में कार्यरत शब्बीर खान(Shabbir Khan) शहीद हो गए थे. 

दाऊदसर के लाल को शनिवार को हजारों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी. शहीद के पैतृक गांव में सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शहीद को सपुर्द-ए-ख़ाक किया गया.

जानिए कैसे हुआ था हादसा
आपको बता दें कि भारतीय सेना(Indian Army) के टैंक टी- 72 वीए का बैरल फटने से हुए हादसे में शब्बीर खान शहीद हो गए. शहीद शब्बीर खान उस वक्त टैंक चला रहे थे. टैंक का बैरल फटने से केबिन में धुंआ भर गया. जिससे दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई.

जान की परवाह किए बिना कुद पड़े सेना के जवान
हादसे के बाद रेजिमेंट के जवानों ने जान की परवाह किए बिना जलते टैंक से ही उनको किसी बाहर निकाला. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. सबकी आंखे नम भले ही हों, लेकिन सभी शहीद की शहादत पर फ़ख्र भी कर रहे हैं. 

शहीद 2002 में सेना में हुए थे भर्ती
डीडवाना उपखण्ड के दाऊदसर गांव में जन्मे शब्बीर खान 90 आर्मर्ड रेजिमेंट में हवलदार के पद पर तैनात थे. शब्बीर खान 2002 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे.  शहीद की पत्नी और तीन बच्चे हैं. शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए तमाम लोग उमड़ पड़े. क्या खास क्या आम. हर किसी की आंखें नम थीं, सीना फख्र से चौड़ा था.