जम्‍मू-कश्मीर संवेदनशील है, उसपर निर्णय लेने से पहले जनता की सोचनी चाहिए : शरद पवार

एनसीपी अध्‍यक्ष शरद पवार ने कहा कि नरेंद्र मोदी महबूबा मुफ्ती के किसी भी बयान का हवाला देते हुए टिप्‍पणी कर रहे हैं. महबूबा जब मुख्यमंत्री थीं, तब बीजेपी नेता उनके मंत्री थे और जवाब मुझसे मांग रहे हैं. पीएम मोदी ने अपने आश्वासन पूरा नहीं किया.

जम्‍मू-कश्मीर संवेदनशील है, उसपर निर्णय लेने से पहले जनता की सोचनी चाहिए : शरद पवार
शरद पवार ने की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस. फाइल फोटो

कोल्‍हापुर (प्रताप नाईक) : जम्‍मू-कश्‍मीर और महबूबा मुफ्ती को लेकर राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी है. शनिवार को महाराष्‍ट्र के कोल्‍हापुर में शरद पवार ने कहा है कि जम्‍मू और कश्‍मीर संवेदनशील राज्‍य है. उससे जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले वहां की जनता के बारे में  भी सोचना चाहिए.

एनसीपी अध्‍यक्ष शरद पवार ने कहा कि नरेंद्र मोदी महबूबा मुफ्ती के किसी भी बयान का हवाला देते हुए टिप्‍पणी कर रहे हैं. महबूबा जब मुख्यमंत्री थीं, तब बीजेपी नेता उनके मंत्री थे और जवाब मुझसे मांग रहे हैं. पीएम मोदी ने अपने आश्वासन पूरा नहीं किया. इसलिए लोग नाराज हैं. इस नाराजगी को छिपाने के लिए पीएम मोदी दुसरों पर आरोप लगा रहे हैं.

 

गंभीर मामला यह है कि सेना के वरिष्ठ अधिकारी राष्ट्रपति को खत लिखते हैं. इसमें इसका भी जिक्र हैं कि उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भारतीय सेना को मोदी सेना कहा था. मुझे लगता है कि 10 में से 2 लोग भी यह बात कहते हैं तो ये गंभीर है. उन्‍होंने कहा कि राजीव गांधी ने बोफोर्स मामले की जांच के लिए कमेटी नियुक्त की थी. विपक्षी दलों कि मांग मान ली थी. वैसे ही अब नई जांच कमेटी की नियुक्ति की जाती. चुनाव आयोग को सत्तापक्ष के प्रति अलग प्रेम और विपक्ष के प्रति अलग भाव दिखाई दे रहे हैं.