महाराष्ट्र: सिर्फ 10 रुपए में मिलेगी 'शिवभोजन' थाली, ठाकरे कैबिनेट ने दी मंजूरी

महाराष्ट्र में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सिर्फ 10 रुपए में शिवभोजन दिया जाएगा.

महाराष्ट्र: सिर्फ 10 रुपए में मिलेगी 'शिवभोजन' थाली, ठाकरे कैबिनेट ने दी मंजूरी
जरूरतमंद लोगों के लिए सिर्फ 10 रुपए में शिवभोजन दिया जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मुंबई: महाराष्ट्र में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सिर्फ 10 रुपए में शिवभोजन दिया जाएगा. मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाऊस में हुई महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार इस योजना की मंजूरी दी गई. महाराष्ट्र सरकार का पायलट प्रोजक्ट शुरू करने में तीन महीने के लिए 6 करोड़ 48 लाख का खर्च होंगे.

पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में महाराष्ट्र के हर जिला मुख्यालय में एक भोजनालय शुरू किया जाएगा. इस भोजनालय में अधिक से अधिक 500 थाली भोजन की कैबिनेट से मंजूरी मिली है. शिवभोजन योजना अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बाद राज्य के अन्य इलाकों में इसका विस्तार किया जाएगा.

1995 में झुनका-भाकर केंद्र शुरू किए थे
शिवेसना के चुनावी घोषणा पत्र में उद्धव ठाकरे ने आम आदमी के लिए 10 रुपए में भोजन का आश्वासन दिया था. अब शिवसेना की सरकार बनते ही सीएम उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस शिवभोजन अमली जामा पहनाकर आश्वासन की पूर्ति की है. इससे पहले 1995 में शिवसेना-बीजेपी सरकार के समय झुनका-भाकर केंद्र शुरू किए गए थे. अब शिवभोजन थाली की सौगात ठाकरे सरकार दे रही है.

10 रुपए के शिवभोजन थाली में क्या मिलेगा?
ठाकरे सरकार की इस 10 रुपए की थाली में 30 ग्राम की दो रोटियां, एक कटोरी 100 ग्राम सब्जी, 150 ग्राम चावल, एक कटोरी 100 ग्राम दाल के साथ शिवभोजन थाली 10 रुपए में दी जायेगी. यह भोजनालय दोपहर 12 से 2 बजे तक चलेगा. इसे सरकार अनुदान देगी.

प्रति थाली पर 10 रुपए लिए जायेंगे
शिवभोजन थाली की कीमत शहरी इलाकों में 50 रुपए और ग्रामीण इलाकों में 35 रुपए रहेगी. ग्राहकों से प्रति थाली पर 10 रुपए लिए जायेंगे. यानी शहरी इलाकों में शिवभोजन पर 40 रुपए का अनुदान मिलेगा. ग्रामीण इलाकों में 25 रुपए का अनुदान शिवभोजनालय को सरकार देगी. जिला कलेक्टर के माध्यम यह अनुदान की राशि भोजनालय को दी जाएगी.

समिति का गठन किया जाएगा
शिव भोजनालय शुरू करने के लिए उस व्यक्ति के पास पर्याप्त जगह होनी चाहिए. यह योजना कार्यान्वित करने के लिए महिला स्वयं ग्रुप, गैर सरकारी संस्था, भोजनालय, रेस्टॉरंट में जो भी सक्षम संस्था रहेगी उसे चुना जाएगा. इस भोजनालय को चुनने के लिए जिला पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा.

10 रुपए की थाली की शुरुआत
कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तर पर समिति बनेगी. तहसीलदार के अध्यक्षता में तहसील स्तर पर समिति होगी. गरीब और मजदूरों के इलाकों वाले जिला अस्पताल, बस स्टेशन, रेल्वे स्टेशन, मार्केट, सरकारी ऑफिस में यह 10 रुपए की थाली की शुरुआत की जाएगी.

इस योजना पर देखरेख के लिए प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति बनेगी. यह समिति सभी विकल्पों का विचार करेगी और योजना के अगले चरण पर कार्यवाही करेगी. सेंट्रल किचन, एनजीओ, पब्लिक ट्रस्ट सीएसआर और वीएसटीएफ के सह-भागिता पर फैसला लेगी. और सरकार की सह-भागिता की रूपरेखा तय करेगी. इसके साथ यह योजना के शाश्वत और स्थायी बनाने के लिए क्रॉस सब्सिडी, सार्वजनिक और निजी सह-भागिता को बढ़ाने के लिए कार्य करेगी.