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देश के बाद अब महाराष्ट्र में भी शिवसेना ने BJP को माना अपना 'बड़ा भाई'

शिवसेना (Shiv Sena) के संस्थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) ने एक बार कहा था, "ये बीजेपी (BJP) कमलाबाई की तरह से है, सीटों पर हम जो कहेंगे वो होगा".

देश के बाद अब महाराष्ट्र में भी शिवसेना ने BJP को माना अपना 'बड़ा भाई'
(फाइल फोटो)

मुंबई: शिवसेना (Shiv Sena) ने आखिरकार अप्रत्यक्ष रूप से मान लिया है कि बीजेपी (BJP) राष्ट्रीय स्तर पर तो 'बिग ब्रदर' है ही. महाराष्ट्र (Maharashtra) में भी अब उसका 'भाऊ' यानी बड़ा भाई बन गया है. गौरतलब है कि शिवसेना अब तक बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा भाई मानती आई है जबकि महाराष्ट्र में वो खुद को बड़ा भाई मानती रही है. इसी आधार पर वो फिफ्टी-फिफ्टी सीटों का बंटवारा चाहती थी. लेकिन, आखिरकार शिवसेना को कम सीटों पर राजी होना पड़ा है.

शिवसेना (Shiv Sena) के संस्थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) ने एक बार कहा था, "ये बीजेपी (BJP) कमलाबाई की तरह से है, सीटों पर हम जो कहेंगे वो होगा". ये इतिहास का वह पन्ना है जिसे अब शिवसेना भूल जाना चाहेगी. पहले पिछली सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा हो या फिर इस बार गठबंधन (alliance) के लिए सीटों का समझौता. हर बार शिवसेना को वही मानना पड़ा है जो बीजेपी की तरफ से पास किया गया. इस बात की और पुष्टि करता है सामना (Saamana) में आज का लिखा लेख युति होने पर यहां-वहां चलता ही रहता है.

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शिवसेना (Shiv Sena) के बारे में इस बार यह मानना पड़ेगा कि लेना कम और देना ज्यादा हुआ है. लेकिन शिवसेना के नेता अब भी यह मानने को तैयार नहीं दिखाई देते हैं. कैबिनेट मंत्री और शिवसेना नेता दिवाकर रावते (Diwakar Raote) का कहना है कि बड़ा अगर ज्यादा अमीर हो जाएगा तो बड़ा नहीं हो जाएगा. शिवसेना महाराष्ट्र (Maharashtra) में बड़ा भाई ही है. यहां आपको यह भी बता दें कि पिछला विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियों ने अलग-अलग लड़ा था. जिसमें बीजेपी (BJP) की 122 सीटें थीं जबकि शिवसेना सिर्फ 63 पर सिमट कर रह गई थी. 

जानकारों का कहना है कि एक समय था जब शिवसेना (Shiv Sena) 171 सीटों पर चुनाव लड़ती थी और बीजेपी (BJP) 117 सीटों पर. लेकिन, तब से लेकर अब तक समंदर में काफी पानी बह चुका है. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) जैसा ट्रंप कार्ड, धारा 370 (Article 370) खत्म करना, और फडणवीस (Fadnavis) की लोकप्रियता का कोई जवाब शिवसेना के पास फिलहाल नहीं है. फिलहाल दोनों पार्टियां चुनाव में अपनी ताल ठोंक रही हैं लेकिन जिस पार्टी की ज्यादा सीटें आएंगी वही तय करेंगी कि असल में बड़ा भाई कौन है.