इस स्वतंत्रता दिवस दुकानों पर नहीं दिखेगा चीनी मंझा और पतंग, 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर

गलवान वैली पर हुए भारतीय सैनिकों की मौत पर आक्रोशित दुकानदार ऐसे कर रहे चीन का विरोध, नहीं बेचेंगे चीनी पतंग. 

इस स्वतंत्रता दिवस दुकानों पर नहीं दिखेगा चीनी मंझा और पतंग, 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर
फाइल फोटो

नई दिल्ली : गलवान वैली (Galwan Valley) पर भारत और चीन (china) के बीच झड़प के बाद देश भर में चीनी सामान को बायकॉट (boycott) करने की एक नई पहल शुरू हुई है. जहां सभी देशवासी चाइनीज सामान को ना ख़रीदकर देश मे बने हुए सामान को खरीदेंगे और 'मेक इन इंडिया’ (make in India)  को बढ़ावा देंगे. इस स्वतंत्रता दिवस  (independence day) पर मंझे और पतंग बेचने वाले व्यापारियों ने भी इसका समर्थन किया है.

तीन दिन बाद स्वतंत्रता दिवस हैं और आम तौर पर हर साल इस दिन पतंगे (kites) उड़ाई जाती हैं. साथ ही चाइनीज मंझा भी काफी ख़रीदा जाता है. लेकिन इस बार स्थिति एकदम अलग हैं. दिल्ली (Delhi)के सबसे मशहूर पतंग का मार्केट लाल कुआं में इस बार चाइनीज मंझा नहीं बेचा जा रहा हैं, बल्कि भारत में बने आयटम्स (items) को कस्टमर (customer) के सामने पेश किया जा रहा हैं. ताकि कस्टमर का ध्यान इंडीयन प्रॉडक्ट्स (Indian products) की तरफ ज्यादा जाए और चीनी सामान का बहिष्कार हो.

zee news ने इस बात की पड़ताल की और दुकानदारों से बात कर यह जानने की कोशिश की कि क्या वाकई इस बार चाइनीज पतंग और मंझे नहीं बेचें जा रहे हैं. यहां राहुल नाम के एक दुकानदार ने यह बताया कि इस बार मार्केट में किसी भी दुकान पर चाइनीज मंझा या पतंग नहीं दिखेगा. इसका कारण है कि हम सभी दुकान वाले चाइनीज की जगह भारत में बने मंझे को लोगों को बेच रहे हैं ताकि आत्मनिर्भर 'भारत' का उद्देश्य पूरा हो सके. 

हर साल 15 अगस्त को बाज़ारों में चीनी पतंग और लाखों की संख्या में चाइनीज माल बेचा जाता है, लेकिन इस बार स्थिति बहुत अलग है. 'आत्मनिर्भर भारत' की मुहीम को तवज्जो देते हुए छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर के दुकानदार भारत में बनी वस्तुएं ही बेच रहे हैं.