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सीकर: लाठीचार्ज मामले ने पकड़ी तूल, CPI-M ने 16 सितंबर से आंदोलन की दी चेतावनी

लाठीचार्ज के दूसरे दिन से ही माकपाई से जुडे संगठनों सहित विभिन्‍न संगठनों ने आंदोलन कर रहे हैं. धरने प्रदर्शन मशाल जुलूस के बाद सीकर बंद कर दिया गया जो पूर्णतया बंद रहा. 

सीकर: लाठीचार्ज मामले ने पकड़ी तूल, CPI-M ने 16 सितंबर से आंदोलन की दी चेतावनी
कार्रवाई नहीं होने पर माकपा के पूर्व विधायक अमराराम ने सरकार को आड़े हाथों लिया

अशोक सिंह, सीकर: जिले के वासियों को यह पता नहीं था कि छात्र संघ चुनाव इस कदर सीकर में बवाल मचा देगा. छात्र संघ चुनावों में राजकीय गर्ल्‍स कालेज में मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए एसएफआई कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस ने इन पर लाठियां भांज दी और तो और माकपा के पार्टी कार्यालय में घुसकर माकपाईयों और एसएफआई कार्यकर्ताओं से मारपीट की. 

इसके बाद तो मानों सीकर में आंदोलनों की बाढ आ गई. पुलिस अधीक्षक सहित लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों और राजकीय गर्ल्‍स कालेज के प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर माकपा ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया. इस पर लाठीचार्ज में एक एसआई और एक पुलिसकर्मी को महिलाओं पर लाठीचार्ज के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया. कालेज प्राचार्य को भी एपीओ कर दिया गया लेकिन माकपा नेता पुलिस अधिकारियों एसपी डिप्‍टी को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.

लाठीचार्ज के दूसरे दिन से ही माकपाई से जुडे संगठनों सहित विभिन्‍न संगठनों ने आंदोलन कर रहे हैं. धरने प्रदर्शन मशाल जुलूस के बाद सीकर बंद कर दिया गया जो पूर्णतया बंद रहा. वहीं सीकर जिले में करीबन सौ से अधिक स्‍थानों पर चक्‍का जाम कर दिया गया. इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर माकपा के पूर्व विधायक अमराराम ने सरकार को आड़े हाथों लिया और आगामी 16 सितम्‍बर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की एलान कर दिया है.

पूर्व विधायक अमराराम ने सरकार पर जमकर प्रहार किए और कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्र छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया. पुरूष पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज किया गया और उन्‍हें लाइन हाजिर किया जाता है. अमराराम ने बताया कि 16 से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी और जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है और न्‍यायिक जांच नहीं की जाती है आंदोलन जारी रहेगा.

माकपा नेताओं का कहना है कि किसानों की मांगो को लेकर पहले आंदोलन कर सरकार को झुका कर किसानों की कर्जा माफी करवाई थी. इस बार भी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करवाकर ही अनिश्चिताकलीन धरने से उठेंगे. अब देखना है कि सरकार इस पूरे मसले पर क्‍या कार्रवाई करती है.