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सिक्किम विधानसभा चुनाव 2019: पवन चामलिंग की प्रतिष्ठा दांव पर

सिक्किम में विधानसभा की 32 सीटों के लिए 11 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुए. यहां मुख्य मुकाबला दोनों ही क्षेत्रीय दलों के बीच हैं. 

सिक्किम विधानसभा चुनाव 2019: पवन चामलिंग की प्रतिष्ठा दांव पर
.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सिक्किम में विधानसभा की 32 सीटों के लिए 11 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुए. यहां मुख्य मुकाबला दोनों ही क्षेत्रीय दलों के बीच हैं. यहां सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) के पवन कुमार चामलिंग साल 1994 से लगातार मुख्यमंत्री हैं. इस बार उनका मुकाबला उनकी ही पार्टी से अलग होकर अलग पार्टी बनाने वाले सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKF) के प्रेम सिंह तमांग से है. दोनों ही पार्टियों ने राज्य की 32 की 32 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) ने 22 सीटों पर जीत हासिल की थी.

जबकि सिक्किम संग्राम परिषद को 10 सीटें मिली थी. सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट राज्य की सत्ता में 1994 से काबिज है. लेकिन इस बार लंबे समय से एक ही पार्टी के सत्ता में रहने से सत्ता विरोधी लहर में सिक्किम परिषद सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए हुए है.

दिलचस्प बात ये है कि 1979 के बाद अभी तक सिक्किम के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी दोनों राष्ट्रीय दलों को सत्ता में विराजमान होने का मौका नहीं मिल पाया. हालांकि 1984 में कांग्रेस को महज 13 दिन सत्ता में रहने का मौका मिला था. इसके बाद से कांग्रेस वापसी नहीं कर सकी है. जबकि बीजेपी सिक्किम संग्राम परिषद का हिस्सा बनकर चुनावी मैदान में उतरी है.