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कोटा में बाढ़ से हालात गंभीर, ओम बिरला ने दिया केंद्र से मदद का आश्वासन

नुकसान के आंकड़ों पर बिरला ने कहा कि अभी कोई निर्धारित आंकड़ा सामने नहीं आया है लेकिन जल्द इसकी गणना की जाएगी और प्रभावितों को राहत दी जाएगी.

कोटा में बाढ़ से हालात गंभीर, ओम बिरला ने दिया केंद्र से मदद का आश्वासन
बाढ़ के कारण हाड़ौती संभाग में भयावह हालात हो गए हैं.

कोटा: राजस्थान के में भारी बारिश के बाद निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है. कई बस्तियां अभी भी पानी में डूबी हुई हैं. कुछ लोगों को वहां से शिफ्ट कर दिया गया है. एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय संगठन अभी भी लोगों की मदद में जुटे हुए हैं. बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों को स्थानीय लोग और संगठन अपने स्तर पर खाना मुहैया करा रहे हैं. 

बाढ़ को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आज अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. बिरला ने कोटा जिले के मानस, बालापुरा, चपरदा गांव में प्रभावितों से मुलाकात की. साथ ही बाढ़ से बेघर हो चुके लोगों की पीड़ा सुनी. अपने दौरे के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि चंबल नदी से पिछले तीन दिन में पानी की भारी निकासी की गई है. जिससे हाड़ौती संभाग में भयावह हालात हो गए हैं. 

सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं. इलाके में फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और किसानों को भारी नुकसान हुआ है. लोगों को राहत और मुआवजा देने के मुद्दे पर बिरला ने कहा कि प्रशासन और अधिकारी जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजें ताकि पीड़ितों को मुआवजा मिल सके. बिरला ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र से जैसी भी मदद की जरूरत पड़ेगी वो मुहैया कराएंगे और स्थानीय लोगों और भामाशाहों की मदद से भी प्रभावितों तक जल्द मदद पहुंचाई जाएगी. नुकसान के आंकड़ों पर बिरला ने कहा कि अभी कोई निर्धारित आंकड़ा सामने नहीं आया है लेकिन जल्द इसकी गणना की जाएगी और प्रभावितों को राहत दी जाएगी.

कोटा में क्यों आई बाढ़ ?
दरअसल, मध्यप्रदेश में पिछले दिनों भारी बारिश हुई, जिससे चंबल नदी उफान पर आ गई. चंबल नदी पर राजस्थान में कई बांध बनाए गए हैं लेकिन पानी की आवक इतनी ज्यादा थी कि प्रशासन को पानी की निकासी के लिए कोटा बैराज के सभी 17 गेट खोलने पड़े. दूसरे बांधों के भी गेट खोलकर पानी की निकासी की गई. बांधों के गेट खोले जाने से चंबल के किनारे बसे निचले इलाकों में ये पानी पहुंच गया. इसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को एक्टिव किया गया. सेना की मदद से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. 

--भुवनेश शर्मा, न्यूज डेस्क