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कार्यकर्ताओं की बदौलत बनेगा कांग्रेस मुक्त राजस्थान: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया

मीडिया से बातचीत में बीजेपी राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सत्ता के दुरूपयोग और तिगड़कर करने की फिराक में रहती है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कार्यकर्ता पर भरोसा है और इसी के दम पर वे कांग्रेस मुक्त राजस्थान की तरफ़ बढ़ेंगे. 

कार्यकर्ताओं की बदौलत बनेगा कांग्रेस मुक्त राजस्थान: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया
पहली बार जाट समाज से आने वाले किसी नेता को बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है.

जयपुर: राजस्थान बीजेपी (Rajasthan BJP) में प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी का अब तक सबसे लम्बा चला इंतज़ार शनिवार को खत्म हो गया. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह(Amit Shah) ने बीजेपी नेता सतीश पूनिया (Satish Poonia) को राजस्थान इकाई का अध्यक्ष(Rajasthan BJP Presidnet) बनाने का ऐलान किया. इसकी जानकारी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के चेहरे खिल गए. नये प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूनिया के नाम के ऐलान को कार्यकर्ता का सम्मान बताया.

वैसे माना जा रहा था कि संगठन चुनाव के बीच में प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा नहीं होगी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व का यह फ़ैसला चौंकाने वाला रहा. बीजेपी नेता सतीश पूनिया 55 साल की उम्र में नई ज़िम्मेदारी मिली है. इसकी घोषणा के साथ ही बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं का जमघट लगना भी शुरू हो गया. 

जानकारी मिलने के बाद बीजेपी नेता और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने उन्हें कार्यालय में बधाई दी. वहीं, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी फोन पर पूनिया को बधाई दी. बीजेपी नेता सतीश पूनिया ने खुद को मिली नई जिम्मेदारी का श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया. 

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प्रदेश में पहली बार जाट समाज से आने वाले किसी नेता को बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा पूनिया को निर्विवादित छवि का नेता माना जाता है. प्रदेश संगठन चुनाव अधिकारी राजेन्द्र गहलोत और प्रदेश महामंत्री वीरमदेव सिंह ने पूनिया को उनकी नियुक्ति का आदेश भी सौंपा. 

एबीवीपी में रहे हैं सक्रिय
अपने छात्र जीवन में एबीवीपी से जुड़ने और शुरूआती राजनीति में भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री के रूप में पार्टी का काम संभालने वाले सतीश पूनिया को उनके 36 साल की मेहनत का ईनाम मिला. मीडिया से बातचीत में बीजेपी नेताओं ने कहा कि सतीश पूनिया एक कार्यकर्ता के रूप में हमेशा संगठन से जुड़े लोगों के बीच रहे. बीजेपी नेताओं का यह भी मानना है कि उनकी नियुक्ति से पार्टी का साधारण कार्यकर्ता और मजबूत होगा. 

जानिए क्या है चुनौती
सतीश पूनिया को नई ज़िम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने आने वाले निकाय और पंचायतीराज बड़ी चुनौती है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता के दुरूपयोग और तिगड़कर करने की फिराक में रहती है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कार्यकर्ता पर भरोसा है और इसी के दम पर वे कांग्रेस मुक्त राजस्थान की तरफ़ बढ़ेंगे.