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जयपुर में पुलिस चालान के खिलाफ फूड डिलीवरी ब्वायज़ का हड़ताल, जानिए पूरा मामला

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की तरफ से फूड डिलीवरी बॉयज पर की जा रही चालान की कार्रवाई के खिलाफ जयपुर में हड़ताल हुई.

जयपुर में पुलिस चालान के खिलाफ फूड डिलीवरी ब्वायज़ का हड़ताल, जानिए पूरा मामला
संगठन ने पूरे प्रदेश में हड़ताल की चेतावनी दी है. (फाइल साभार: Zomato.com)

जयपुर: राजधानी जयपुर(Jaipur) में फूड डिलीवरी करने वाले बॉयज(Food Delivery Boys)शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए हैं. परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की तरफ से फूड डिलीवरी बॉयज पर की जा रही चालान की कार्रवाई के खिलाफ यह लोग हड़ताल पर गए हैं. 

इनका कहना है कि किसी कानून का उल्लंघन नहीं करने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस उन पर मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रही है. इन फूड डिलीवरी बॉयज का सवाल यह भी है कि अगर सरकार को लोगों को रोजगार नहीं दे सकती तो अब रोजगार छीन क्यों रही है?

चालान होने से हैं नाराज
राजधानी में घर बैठे खाना पहुंचाने वाले फूड डिलीवरी बॉयज पर चालान हो रहे हैं. चालान की इसी कार्रवाई के चलते राजधानी के फूड डिलीवरी बॉयज हड़ताल पर चले गए हैं. 

कमर्शियल रजिस्ट्रेशन का है दबाव
इन लोगों का आरोप है कि हर बाइक सवार पर बड़े चालान किए जा रहे हैं और साथ ही कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के लिए दबाव बनाया जा रहा है. फूड डिलीवरी बॉयज ने कहा कि परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस नियमों से परे जाकर इस तरह के गैर वाजिब चालान उनके खिलाफ कर रहे हैं. इन फूड डिलीवरी बॉयज को पीपल्स ग्रीन पार्टी ने भी समर्थन दिया है.

पूरे प्रदेश में हड़ताल की चेतावनी
इंडियन डिलीवरी आर्गेनाईजेशन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र वैष्णव ने कहा कि अगर सरकार ने उनके खिलाफ की जा रही गैर कानूनी कार्रवाई को जल्द नहीं रोका तो यह हड़ताल पूरे प्रदेश में होगी.

संगठन के अधिकारी उठा रहे हैं सवाल
इस मामले में ऑर्गेनाइजेशन के प्रवक्ता आशीष अरोड़ा कहते हैं कि देश के हर हिस्से में फूड डिलीवरी बॉयज इसी तरह अपनी प्राइवेट नंबर की बाइक से खाना डिलीवर कर रहे हैं. उनका सवाल है कि क्या जयपुर का मामला पूरे देश भर से अलग हो गया जो यहां पर दो से ढाई हजार के चालान काटे जा रहे हैं. अरोड़ा कहते हैं कि चालान करते वक्त बिना किसी नियम के सिर्फ यह कहा जाता है कि आप स्वीगी या ज़ोमेटो की गाड़ी चला रहे हैं.

तो क्या कमर्शियल रजिस्ट्रेशन इन लोगों के लिए भी जरुरी?
सवाल यह उठता है कि अगर फूड डिलीवरी करने वाले इन डिलीवरी बॉयज के लिए बाइक का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन जरूरी है तो क्या सरकार डाक पहुंचाने वाले पोस्टमैन, घर तक गैस सिलेंडर की डिलीवरी करने वाले सिलेंडर डिलीवरी मैन, दूध पहुंचाने वाले दूधियों और ऐसे सभी लोगों की गाड़ियों के कमर्शियल रजिस्ट्रेशन जरूरी करेगी जो अपनी गाड़ी का इस्तेमाल किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि में करते हैं?