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सुनंदा पुष्कर मौत मामला: कांग्रेस नेता शशि थरूर की रिवीजन पिटिशन पर आदेश सुरक्षित

आज सुनवाई के दौरान शशि थरूर के वकील ने आरोप लगाया कि केस से जुडे पूरे दस्तावेज नहीं मिले हैं. 

सुनंदा पुष्कर मौत मामला: कांग्रेस नेता शशि थरूर की रिवीजन पिटिशन पर आदेश सुरक्षित
17 जनवरी, 2014 को दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में हुई सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में पहले अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था.

नई दिल्लीः सुनंदा पुष्कर मौत मामले में पटियाला हाउस कोर्ट (सेशंस कोर्ट) ने शशि थरूर की ओर से दायर रिवीजन पिटिशन पर आदेश सुरक्षित रख लिया है. आज सुनवाई के दौरान शशि थरूर के वकील ने आरोप लगाया कि केस से जुडे पूरे दस्तावेज नहीं मिले हैं. वहीं दिल्ली पुलिस ने थरुर पर मामले मे देरी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार सुनवाई टालने की कोशिश हो रही है.

15 मार्च को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी. इससे पहले एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने केस को सेशंस कोर्ट में रेफर कर दिया था.बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट से सुनवाई में सहयोग की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी अपील भी खारिज कर दिया था. कोर्ट ने इस केस से जुड़े दस्‍तावेजों को आरोपित को सौंपने का निर्देश दिया था. अर्जी में स्वामी ने मांग की थी कि कोर्ट में पुलिस की विजिलेंस जांच रिपोर्ट को प्रस्तुत किया जाए. हालांकि इसका दूसरे पक्ष के वकील ने विरोध किया था.

पटिलाया हाउस कोर्ट ने शशि थरूर को माना था आरोपी
आपको बता दें कि सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में थरूर आरोपी है. शुरू में इसे आत्महत्या माना जा रहा था. इस मामले में शुरुआत से ही बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी हत्या का दावा कर रहे हैं. शशि थरूर को पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी माना था. कोर्ट ने चार्जशीट के आधार पर थरूर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मानते हुए आदेश जारी किया था. 

गौरतलब है कि 17 जनवरी, 2014 को दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में हुई सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में पहले अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था. दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी, 2015 को हत्या का केस दर्ज किया था, लेकिन हत्या के कोई सबूत नहीं मिले थे, फिर तकनीकी जांच के आधार पर आइपीसी की धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और 498 ए यानी प्रताड़ित करने की धाराओं के तहत शशि थरूर के खिलाफ 3 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दायर की थी.