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मालेगांव ब्‍लास्‍ट केस : कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, ट्रायल पर रोक से इनकार

लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने मांग की है कि मालेगांव ब्लास्ट मामले में ट्रायल रोका जाए.

मालेगांव ब्‍लास्‍ट केस : कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, ट्रायल पर रोक से इनकार
(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : 2008 में हुए मालेगांव ब्‍लास्‍ट मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह केस बांबे हाईकोर्ट में लंबित है. इसलिए हम इस मामले में दखल नहीं देंगे. बता दें कि इस मामले की सुनवाई बांबे हाईकोर्ट में 21 नवंबर को होनी है.

लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने मांग की है कि मालेगांव ब्लास्ट मामले में दर्ज केस में उनके खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि कानून की धारा लगाई है, जिसके लिए जांच एजेंसी ने सरकार से पहले मंजूरी नहीं ली. इसलिए इस केस का ट्रायल रोका जाए. 

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2008 में हुआ था मालेगांव ब्‍लास्‍ट. फाइल फोटो

बता दें कि कर्नल पुरोहित ने इस मामले से खुद को बरी किए जाने के लिए बांबे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. इस मामले में पुरोहित का कहना था कि एनआईए ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सेना से अनुमति नहीं ली थी. इस आधार पर उन्होंने खुद को बरी किए जाने की मांग की थी.

पिछले साल मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी कर्नल श्रीकांत पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी. कर्नल पुरोहित पिछले 9 साल से जेल में थे. सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए जमानत दी थी. पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था. पुरोहित ने एटीएस पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया था. गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में एक बाइक में बम लगाकर विस्फोट किया गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी और तकरीबन 80 लोग जख्मी हो गए थे.