हैदराबाद एनकाउंटर में मारे गए आरोपियों के परिजनों को मुआवजा देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने एनकाउंटर की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज वी एस सिरपुरकर की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया गया है. 

हैदराबाद एनकाउंटर में मारे गए आरोपियों के परिजनों को मुआवजा देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हैदराबाद एनकाउंटर (Hyderabad Encounter) में मारे गए आरोपियों के परिजनों को कोई मुआवज़ा देन से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज वी एस सिरपुरकर की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया गया है. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वारदात का सीन रिकरिएट करने के दौरान वहां क्या हुआ, यह जांच का विषय है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच आयोग हैदराबाद में एक उपयुक्त स्थान पर अपनी बैठक आयोजित करेगा. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि CRPF आयोग को सुरक्षा प्रदान करेगा.

बता दें  6 दिसंबर को हुए इस एनकाउंटर में पुलिस (POLICE) ने एक महिला वेटनरी डॉक्टर से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के चार आरोपियों को मार गिराया था.

6 दिसंबर को हुआ था एनकाउंटर
आरोपी 6 दिसंबर की सुह तब मारे गए जब उन्होंने कथित तौर पर पुलिस से हथियार छीन लिए और हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर शादनगर के पास चटनपल्ली से भागने की कोशिश की.

आरोपियों को उसी स्थान पर ढेर कर दिया गया जहां 27 नवंबर की रात को हैदराबाद के बाहरी इलाके में शमशाबाद के पास पीड़िता का सामूहिक दुष्कर्म और हत्या करने के बाद उसके शव को जलाकर फेंक दिया था.

जांच के हिस्से के रूप में क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए आरोपियों को मौके पर ले जाया गया था, जहां आरोपियों ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने उन्हें मार गिराया.

साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने पत्रकारों से कहा था कि 10 सदस्यीय पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को सुबह 5.45 बजे मौके पर ले जाया गया था. पुलिस टीम इन आरोपियों को यहां पीड़िता के शव को जलाने के बाद उनके द्वारा छिपाए गए मोबाइल और अन्य सामग्रियों को खोजने आई थी.

उन्होंने कहा कि आरोपियों ने पुलिस पर पत्थरों, छड़ी और अन्य धारदार सामग्रियों से हमला किया. इनमें से दो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और फायरिंग की. उन्होंने कहा, "इसके बाद भी पुलिस ने धर्य बरता और उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उन्होंने गोलीबारी जारी रखी. पुलिस ने गोलीबारी का जवाब दिया और पाया कि चारों की मौत हो चुकी है."