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BJP विधायक का चुनाव रद्द करने के HC के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय भाजपा नेता पबुभा मानेक की इस अपील पर 22 अप्रैल को सुनवाई करेगा. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि वह अगले सोमवार को बीजेपी नेता पबुभा माणेक की अपील पर सुनवाई करेगी.

BJP विधायक का चुनाव रद्द करने के HC के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
नामांकन पत्र में निर्वाचन क्षेत्र का नाम लिखना भूल गए थे पबुभा मानेक

नई दिल्ली: गुजरात उच्च न्यायालय के गलत नामांकन पत्र भरने के कारण 2017 में द्वारका से भाजपा विधायक पबुभा मानेक के निर्वाचन को खारिज करने वाले फैसले के खिलाफ दायर अपील पर उच्चतम न्यायालय सुनवाई के लिए राजी हो गया है. उच्चतम न्यायालय भाजपा नेता पबुभा मानेक की इस अपील पर 22 अप्रैल को सुनवाई करेगा. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि वह अगले सोमवार को बीजेपी नेता पबुभा मानेक की अपील पर सुनवाई करेगी.

7 बार के विधायक पर्चे में लिखना भूल गए थे चुनाव क्षेत्र का नाम, निर्वाचन हुआ रद्द

गुजरात उच्च न्यायालय ने दोषपूर्ण नामांकन पत्र दायर करने के लिए मानेक के निर्वाचन को 12 अप्रैल को रद्द कर दिया था और इस सीट से उपचुनाव का आदेश दिया था. द्वारका विधानसभा क्षेत्र से 2017 में मानेक की जीत को उनके प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार मीरामनभाई गोरिया ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. जिसके बाद अदालत की एकल पीठ के न्यायाधीश परेश उपाध्याय ने मानेक इस मामले में फैसला दिया था.

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मानेक के प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार मीरामनभाई गोरिया का आरोप था कि 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में मानेक ने अपने निर्वाचन क्षेत्र का नाम नामांकन पत्र में नहीं लिखा था, जिसकी वजह से उनका नामांकन अमान्य हो जाता है. इसलिए मानेक की जगह उन्हें द्वारका से निर्वाचित उम्मीद्वार घोषित किया जाना चाहिए. कांग्रेस उम्मीदवार मीरामनभाई गोरिया का कहना था कि इस मामले में उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने भी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे अधिकारी ने खारिज कर दिया था.

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बीजेपी के पबुभा माणेक ने कांग्रेस के अहीर मेरामन को 5700 से ज्यादा वोटों से हराया था. पबुभा माणेक 2012 और 2007 में भी बीजेपी के टिकट से ही इस सीट से विधायक चुने गए थे. जबकि 2002 में पबुभा माणेक कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे थे. इससे पहले वह निर्दलीय के तौर पर इस सीट से लगातार तीन चुनाव जीत चुके है. साल 1990,1995 और 1998 में वह निर्दलीय एमएलए चुने गए थे.(इनपुटः भाषा)