लालू के बेटे तेजप्रताप यादव बने 'राजमिस्त्री', सोशल मीडिया पर पोस्ट की तस्वीरें

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं. ताजा मामला उनके राजमिस्‍त्री बनकर ईंट जोड़ने का है.

लालू के बेटे तेजप्रताप यादव बने 'राजमिस्त्री', सोशल मीडिया पर पोस्ट की तस्वीरें
तेज प्रताप यादव की शेयर की गई तस्वीर.

नई दिल्लीः अपने ठेठ और निराले अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं. इसी निराले अंदाज में वे कभी गाय चराते हुए चरवाहे की तो कभी मुरली के साथ भगवान कृष्ण के रूप में तस्वीरों में नजर आते रहे हैं. इस बार उन्होंने श्रमिकों की समस्याओं की ओर लोगों और सरकारों का ध्यान खींचने की कोशिश की है. ताजा मामला उनके राजमिस्‍त्री बनकर ईंट जोड़ने का है.

टि्वटर पर डाली तस्वीरें
राजद के युवा नेता ने टि्वटर पर मकान बनाने वाले राजमिस्त्रियों के साथ कई तस्वीरें शेयर की हैं. इसमें  तेजप्रताप यादव ने लिखा है, "श्रमिक समाज का महत्वपूर्ण अंग हैं. राष्ट्र निर्माण, विकास एवं अर्थव्यवस्था में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है. देश की विकसित अर्थव्यवस्था श्रमिकों की अच्छी स्थिति पर निर्भर करती है. लेकिन केन्द्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में श्रमिकों की महत्ता को नजरअंदाज कर दिया जाता है." हालांकि तेजप्रताप यादव का यह टि्वटर हैंडल वेरिफाइड नहीं है.

Tej Pratap

सरकारी योजनाओं को लिया निशाने पर
तेजप्रताप यादव ने अपनी तस्वीरों के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा है. उन्होंने अपने टि्वटर हैंडल पर लिखा है, "कौशल विकास के नाम पर सरकारें योजनाएं तो खूब बनाती हैं, पर अवसर के बिना युवा बेरोजगार ही रह जाते हैं. हर हाथ हुनर और हर हुनर को रोजगार- यही देश के युवाओं को सही मार्ग पर रखेगा."

वर्ण व्यवस्था पर भी सवाल
बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने श्रमिकों की समस्याओं को उठाते हुए इसे भारत की वर्ण व्यवस्था से भी जोड़ा है. साथ ही कोई भी काम छोटा नहीं होता, लोगों को इसकी सलाह भी दी है. मकान बनाते समय ईंट जोड़ते दिख रहे तेजप्रताप ने लिखा है, "वर्ण व्यवस्था ने भारतीय मानसिकता में काम को छोटा या बड़ा बना दिया है. जिस कर्म से सहायता, सहयोग या सृजन हो वह काम छोटा कैसे?"