प्रशासनिक सुधार की टीम ने सचिवालय के विभाग में किया औचक निरीक्षण, फिर...

प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री आर वेंकटेश्वरण ने बताया कि सचिवालय कार्मिक समय पर नहीं आते हैं. इसके चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है.

प्रशासनिक सुधार की टीम ने सचिवालय के विभाग में किया औचक निरीक्षण, फिर...
सचिवालय में करीब 16 साल बाद इस तरह की कार्रवाई की गई है.

जयपुर: सचिवालय कर्मचारियों की लेटलतीफी रोकने के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम ने आज सचिवालय के विभिन्न कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया. वहीं, निरीक्षण के दौरान करीब 301 रजिस्टर जब्त कर लिए गए. टीम के औचक निरीक्षण से सचिवालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में हाजिरी करने लगे लेकिन लेट आने वाले कर्मचारियों को टीम ने उपस्थिति रजिस्टर पर हाजिरी नहीं लगाने दी और रजिस्टर को जप्त कर लिया.

प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री आर वेंकटेश्वरण ने बताया कि सचिवालय कार्मिक समय पर नहीं आते हैं. इसके चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है. औचक निरीक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को समय पर आने के लिए पाबंद करना है. उन्होंने बताया कि लेट आने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी.

कर्मचारियों के लेट आने और जल्दी निकल जाने से बाहर से आने वाले आगंतुकों को परेशानी होती है. इसकी शिकायतें मुख्यमंत्री के पास पहुंचने के बाद इस तरह की बड़ी कार्यवाही की गई है और आगे भी इस तरह की जारी रहेगी. सचिवालय में करीब 16 साल बाद इस तरह की कार्रवाई की गई है.

गौरतलब है कि सरकारी ऑफिसों में कर्मचारियों की लेटलतीफी की मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासनिक सुधार विभाग ने आदेश जारी कर सभी संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे. 

हाल ही में प्रशासनिक सुधार विभाग में प्रमुख सचिव का पदभार संभालने वाले आर वेंकटेश्वरन ने आदेश जारी कर कलेक्टरों को उनके पर प्रभार वाले जिले में सभी राजकीय निगम, बोर्ड, स्वायत्तशासी संस्थाएं ,चिकित्सालय, स्कूलों, जलदाय विभाग, विद्युत वितरण निगम और इसके साथ ही जिले में चल रहे विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों एवं नरेगा आईसीडीएस आदि योजनाओं में कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति की आकस्मिक जांच करने और गुणवत्ता परखने के लिए अधिकृत किया था. साथ ही निर्देश दिया गया था कि सभी कलेक्टर निरीक्षण के लिए एक दल का भी गठन करेंगे.

उन्होंने कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा था कि आमतौर पर देखा जाता है कि प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेशों की पालना नहीं होती है. वहीं, निरीक्षण की कोई रिपोर्ट भी नहीं भिजवाई जाती है. इसके लिए सभी कलेक्टर 15 दिन में आवश्यक रिपोर्ट प्रशासनिक सुधार विभाग को भिजवाए.