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राजस्थान: निकाय चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से करवाने का मामला, HC में सरकार ने दायर की केविएट

सरकार को अंदेशा है कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में कोई याचिका दायर की जा सकती है. 

राजस्थान: निकाय चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से करवाने का मामला, HC में सरकार ने दायर की केविएट

भवानी भाटी, जोधपुर: प्रदेश में निकाय चुनाव में हाल ही में राज्य सरकार द्वारा महापौर, सभापति और चेयरमैन का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से करवाने के निर्णय के बाद अब राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में इसके लिए राजस्थान हाई कोर्ट रूल 159 के तहत केविएट पेश की है. ऐसे में इस संबंध में राजस्थान हाई कोर्ट में कोई याचिका दायर होती है तो राजस्थान हाई कोर्ट याचिका में कोई अंतिरम आदेश देने से पहले सरकार का भी पक्ष सुनेगा.

इसके बाद ही हाई कोर्ट याचिका में कोई अंतरिम आदेश या निर्णय देगा. हाल ही में सरकार ने पूर्व के अपने निर्णय जिसमे महापौर, सभापति व चैयरमेन का चुनाव सीधे करवाने के फैसले को बदलते हुए अब महापौर,सभापति, चैयरमेन का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से करवाने का निर्णय किया, ऐसे में पार्षद में से ही अब महापौर, सभापति और चैयरमैन चुना जाएगा. सरकार को अंदेशा है कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में कोई याचिका दायर की जा सकती है. ऐसे में सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में केविएट दायर की है, ताकि सरकार के इस आदेश के खिलाफ कोई याचिका दायर होती है तो इसमें सरकार यूडीएच का भी पक्ष सुनने के बाद ही हाई कोर्ट कोई अंतरिम आदेश पारित करे. सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील बेनीवाल ने यह केवियट पेश की है.

गौरतलब है कि किसी भी मामले में एक तरफा या एक पक्ष को सुनकर कोई अंतरिम आदेश पेश न हो, इसके लिए केवियट दायर करने का प्रावधान है. इसके लिए सीपीसी 148 ए या राजस्थान हाई कोर्ट रूल 159 के तहत केवियट दायर की जा सकती है. इसके बाद हाई कोर्ट दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही कोई अंतरिम आदेश पारित करता है. आपको यह भी बता दें कि सरकार के इस फैसले को लेकर उपमुख्यमंत्री पहले ही अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर चुके हैं साथ ही बीजेपी भी इसको लेकर शुरु से ही हमलावर है.