पत्रकार राजीव शर्मा के घर पर लटका है ताला, सोसाईटी के लोग हैरान

हमारी मुलाकात राजीव शर्मा के घर के सामने रहने वाले उनके दोस्त संजीव चावला से हुई जो पेशे से इंशोरेंस का काम करते हैं. उनका कहना है की हमारी राजीव से रोज मुलाकात होती थी. हम ये सब सुनकर हैरान हैं. वो अपने पत्रकार बताते थे.

पत्रकार राजीव शर्मा के घर पर लटका है ताला, सोसाईटी के लोग हैरान

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल (Delhi Special Cell) ने जिस पत्रकार राजीव शर्मा (Rajeev Sharma) को गिरफ्तार किया, उनके घर अब ताला लटका है. राजीव शर्मा दिल्ली के पीतमपुरा इलाके के जेवियर अपार्टमेंट के SG-2 में रहता है. उनके साथ उनका एक बेटा और पत्नी हैं. पिछले करीब 15 साल से ज्यादा समय से यहां रह रहे हैं. हमारी मुलाकात राजीव शर्मा के घर के सामने रहने वाले उनके दोस्त संजीव चावला से हुई जो पेशे से इंशोरेंस का काम करते हैं. उनका कहना है की हमारी राजीव से रोज मुलाकात होती थी. हम ये सब सुनकर हैरान हैं. वो अपने पत्रकार बताते थे.

2016-18 के बीच चीन को भी देश की खुफिया जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट के इनपुट पर फ्रीलान्स पत्रकार राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. वे पिछले 40 साल से पत्रकारिता से जुड़े हैं और करीब 10 साल से फ्रीलान्स पत्रकार के तौर पर काम कर रहे हैं. पूछताछ में ये सामने आया है कि वर्ष 2016 में शर्मा एक चीनी शख्स माइकल जॉर्ज के संपर्क में आए थे, जिसके जरिए उन्हें ग्लोबल टाइम्स के लिए लिखने का मौका मिला था. 

शैल कंपनी और हवाला के जरिए आता था पैसा
जानकारी के अनुसार, शर्मा वर्ष 2019 से लगातार जॉर्ज के टच में हैं और उन्हें हर उन्हें देश की खुफिया जानकारी साझा कर रहे हैं. इस काम के लिए शर्मा को हवाला और दूसरे माध्यमों के जरिए बहुत पैसा मिलता था. पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है शर्मा ने जॉर्ज के साथ मिलकर एक शैल कंपनी भी बना रखी है. ये कंपनी महिपालपुर में बताई जा रही है, जिसके माध्यम से ये दवाई एक्सपोर्ट के जरिए करीब 40-45 लाख का कारोबार करते हैं. 

500 डॉलर में दुश्मन देश को देते थे खुफिया जानकारी
पूछताछ से ये भी सामने आया है कि आरोपी शर्मा मीडिया और PIB कार्ड के जरिए लोगों से मिलते थे और जानकारी पास ऑन करते थे. पुलिस ने बताया कि MZ मॉल और MZ फार्मा एक शैल कंपनी है जहां इन्होंने ट्रिब्यून UNI TOI में काम किया था. जानकारी के अनुसार, एक खुफिया जानकारी दुश्मन देश को पहुंचाने के लिए शर्मा को 500 US डॉलर मिलते थे. इससे संबंधित कुछ कागजात भी जांच के दौरान पुलिस के हाथ लगे हैं, जो इसकी पुष्टि करते हैं. 

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