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मानसून में हुई जमकर बारिश से बदली राजस्थान के बांधो की तस्वीर, अब 80% बांधो में है पानी

राजस्थान के 22 बड़े बांधों में 95 फीसदी पानी आ चुका है. वहीं 4.25 एमक्यूएम से अधिक 280 बांधों में से 72 फीसदी बांध भर चुके हैं जबकि 4.25 एमक्यूएम से छोटे 530 बांधों में 64 फीसदी पानी आ चुका है.

मानसून में हुई जमकर बारिश से बदली राजस्थान के बांधो की तस्वीर, अब 80% बांधो में है पानी
केवल तीन महीने की अच्छी बारिश के बाद मरूधरा के बांधों की तस्वीर बदल गई है.

जयपुर: राजस्थान में चार साल में 830 बांधों की तस्वीर बिल्कुल बदल चुकी है. जाते जाते मानसून की मेहरबानी के बाद अधिकतर बांध फुल हो चुके हैं. इसके साथ साथ जमीन में पानी का जलस्तर भी लगातार बढता रहा है.

मानसून से पहले मरूधरा की मिट्टी के हलक सूख रहे थे लेकिन तीन महीने की झमाझम बारिश ने ना केवल बांधों की सूरत बदली बल्कि मिट्टी की हलक भी पानी से तरबतर हो गए. राजस्थान के 830 बांध में से पिछले साल 95 फीसदी बांध पानी को तरस रहे थे लेकिन अब 80 फीसदी बांध पूरे भर चुके है. 

केवल तीन महीने की अच्छी बारिश के बाद मरूधरा के बांधों की तस्वीर बदल गई है. जाता जाता मानसून इन बांधो की मुस्कुराहट बढा रहा है. जयपुर समेत 4 जिलों की लाइफलाइन कहा जाने वाला बीसलपुर बांध तो लगातार ओवरफ्लो हो रहा है.

राजस्थान के 22 बड़े बांधों में 95 फीसदी पानी आ चुका है. वहीं 4.25 एमक्यूएम से अधिक 280 बांधों में से 72 फीसदी बांध भर चुके हैं जबकि 4.25 एमक्यूएम से छोटे 530 बांधों में 64 फीसदी पानी आ चुका है. अब जैसलमेर, जालोर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, नागौर, चूरू और पाली सूखे जिले को सूखे से मुक्ति मिल चुकी है. ऐसे में अभी मानसून गया नहीं है, यानि इन बांधों में अभी और पानी की आवक हो सकती है. लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि जो पानी बर्बाद हो रहा है, उन्हें सहेजने की भी जरूरत है.

हालांकि पानी के सरंक्षण के लिए जलशक्ति मंत्रालय की ओर से चलाया जा रहा अभियान कितना कारगर साबित हो पाता है. ये तो अब अगले मानसून में ही पता लग पाएगा.