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कोटा: समाज कल्याण विभाग की स्कॉलशिप से वंचित रह सकते है 3 हजार छात्र, जानिए क्यों?

इस साल 2019-20 में केवल 10 हजार 122 के करीब विद्यार्थी ही ऑन लाइन आवेदन भर पाए है.x

कोटा: समाज कल्याण विभाग की स्कॉलशिप से वंचित रह सकते है 3 हजार छात्र, जानिए क्यों?
फाइल फोटो

मुकेश सोनी, कोटा: राजस्थान सरकार का समाज कल्याण विभाग स्कॉलरशिप योजना यानी उत्तर मैट्रिक पेपर लेस स्कालरशिप योजना के तहत एससी, एसटी, एसबीसी, ओबीसी में बीपीएल, सामान्य वर्ग, विकलांग के साथ कई अन्य श्रेणियों में छात्रों को स्कॉलशिप प्रदान करती है. इसके तहत विद्यार्थियों को विभाग के पोर्टल पर समय सीमा के भीतर ऑन लाइन आवेदन करना होता है.

लेकिन इस बार कॉलेजो में एडमिशन समय पर नही होने से कई विद्यार्थीयो को इस बार समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली स्कॉलशिप से वंचित होना पड़ सकता है. निदेशालय सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता विभाग द्वारा इस बार उत्तर मैट्रिक छात्रवृति की ऑन लाइन आवेदन समय सीमा 30 सितंबर तक ही तय की थी.

3 हजार विद्यार्थी रह सकते है वंचित
कॉलजों में समय पर एडमिशन नहीं होने व कई कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम से फीस ली जाती है. इसलिए छात्रों की पूरी फीस की रसीद उपलब्ध नहीं है. ऐसे करीब 3 हजार छात्र तय समय मे ऑन लाइन आवेदन नहीं कर सके है. कोटा जिले के 5 कॉलेजों के छात्र ऑन लाइन आवेदन की सीमा बढ़ाने को लेकर ज्ञापन दे चुके है. 

विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2018-19 में इस योजना के तहत 12 हजार 492 के करीब विद्यार्थियों ने ऑन लाइन आवेदन किये थे. जबकि इस साल 2019-20 में केवल 10 हजार 122 के करीब विद्यार्थी ही ऑन लाइन आवेदन भर पाए है. पिछले साल विभाग ने दिसम्बर तक ऑन आवेदन की तिथि तय की थी. जिसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया था. इस साल विभाग द्वारा अभीतक ऑन लाइन आवेदन की समय सीमा को नही बढ़ाया गया है. इस कारण इस योजना में अभी तक केवल 10 हजार के करीब की विद्यार्थी ही ऑन लाइन आवेदन कर पाए है. जबकि करीब 3 हजार विद्यार्थी ऑन लाइन आवेदन से वंचित रह गए है.

समाज कल्याण विभाग में उपनिदेशक ओम तोषनीवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के शैक्षणिक सत्र में उत्तर मैट्रिक छात्रवृति आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर थी. 30 सितंबर तक विद्यार्थी को पोर्टल पर ऑन लाइन आवेदन करना था. करीब 5 कॉलेजों के छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से ऑन लाइन आवेदन की सीमा बढ़ाने की मांग की है. विद्यार्थियों के ज्ञापन को निदेशालय सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता विभाग में प्रेषित कर दिया गया है. राज्य सरकार के स्तर पर जो भी निर्णय व निर्देश के प्राप्त होंगे उसके अनुरूप कार्रवाई करेंगे.