चंद्रपुर के ताडोबा टाइगर रिजर्व में बाघिन का शिकार

ताडोबा क्षेत्र में शिकार की यह पहली घटना बतायी जा रही है. ताडोबा के खातोडा गेट परिसरा के कक्ष क्र. 123 में यह घटना घटी है. जहां बाघिन की मौत की घटना घटी उस क्षेत्र में आम आदमी को प्रवेश तक नहीं मिलता.

चंद्रपुर के ताडोबा टाइगर रिजर्व में बाघिन का शिकार

चंद्रपुर: महाराष्‍ट्र के चंद्रपुर के ताडोबा टाइगर रिजर्व इलाके में बाघि‍न के शिकार का मामला सामने आया है. यहां लोहे के तार का फंदा बनाकर बाघिन की अवैध शिकार किया गया. ताडोबा क्षेत्र में बाघिन शिकार का मामला सामना आने से वन विभाग की मुश्किलें बढ़ी हैं. चंद्रपुर ताडोबा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में बाघिन की मौत पर सवाल उठ रहे हैं. ताडोबा क्षेत्र में शिकार की यह पहली घटना बतायी जा रही है. ताडोबा के खातोडा गेट परिसरा के कक्ष क्र. 123 में यह घटना घटी है. जहां बाघिन की मौत की घटना घटी उस क्षेत्र में आम आदमी को प्रवेश तक नहीं मिलता.

वन विभाग की अनुमति से सैलानियों की गाड़ि‍यों के लिए गेट खोल दिए जाते हैं. इसके बावजूद शिकारियों ने ताडोबा के इस जोन में प्रवेश किया. लोहे के तार का फँदा लगाकर बाघिन का शिकार किया.  

यहाँ के वन्यजीव रक्षक बंडू धोतरे का कहना है कि, यह घटना चौंका देने वाली है. यह बाघों के लिए सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है. अगर इस क्षेत्र तक शिकारी पहुंचते हैं तो यह हैरानी की बात है. वन विभाग ने इसका तुरंत संज्ञान लेकर टूरिज्‍म के बजाय बाघों के संरक्षण पर बल देना चाहिए.

वहीं महाराष्ट्र के वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने ताडोबा में बाघिन की मौत के जाँच के आदेश दिए हैं. अपने आदेश में वनमंत्री मुनगंटिवार ने कहा है कि जिस लोहे के तार के कारण बाघिन की मौत हुई वह किसने लगाया. इसकी गहरायी से जाँच हो, साथ ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश वन विभाग को दिए हैं.