टोंक: सआदत अस्पताल के विश्राम घर पर लटके ताले, मरीजों के परिजन परेशान

अस्पताल में रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि आखिर धर्मशाला की व्यवस्थाएं बेपटरी क्यों हैं.

टोंक: सआदत अस्पताल के विश्राम घर पर लटके ताले, मरीजों के परिजन परेशान
सआदत अस्पताल की धर्मशाला पर ताला लटक रहा है.

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: एक तरफ प्रदेश की सरकार राजस्थान के सरकारी अस्पतालो में मरीज और घायलों के गरीब परिजनों के लिए रात्रि विश्राम के लिए धर्मशालाओं का निर्माण करवा है. वहीं टोंक जिला के सबसे बड़े सआदत अस्पताल में ऐसी एक धर्मशाला पर ताला लटक रहा है. जिसके कारण मरीजों के परिजनों को रात काटने के लिए निजी होटलों में महंगी दर पर जेब ढीली करनी पड़ रही है.

जब जी मीडिया ने मुद्दे को लेकर रियलटी चेक किया तो सरकार के इंतजामों पर धर्मशाला के मैनेजर त्रिलोकचंद की मनमानी भारी पड़ती नजर आई. हद तो ये थी कि अस्पताल में रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि आखिर धर्मशाला की व्यवस्थाएं बेपटरी क्यों है. आपकों जानकर हैरत होगी कि ना तो धर्मशाला में मैनेजर था और ना ही कोई सुरक्षा प्रहरी.

यहां तक कि जब हमने कमरे के लिए बोला तो मैनेजर ने बिना कोई सत्यापन किए हमारे लिए कमरा बुक कर दिया. वहीं जब हमने ताला लटका होने की बात कही तो उसने फोन पर ही हमें धर्मशाला के मुख्य गेट के अंदर लटके ताले को खोल जाने तक का रास्ता भी बता दिया. जब हमने मैनेजर त्रिलोक के बताए कमरे में प्रवेश किया तो तस्वीरें वाकई हैरान करने वाली थी.

जब जी मीडिया की टीम अंदर गई तो कमरा नम्बर 5 में किसी महिला के कपड़े फैले थे और बिस्तर पर पर्स रखा हुआ था. फंखा भी चल रहा था. जिसके बाद हमने दोबारा मैनेजर को कॉल किया और कहा कि कमरा नम्बर 5 मे तो महिला के सामान रखे है. इस पर मनेजर ने जवाब दिया कि देर शाम से वहां एक महिला रुकी हुई थी. हलांकि मैनेजर को उसका नाम तक नहीं मालूम था. 

वहीं जब जी मीडिया की टीम ने मैनेजर को अपनी असलियत बताई तो वह नाराज होने लगा और कहने लगा कि 'मैं 20 सालों से नौकरी कर रहा हूं. कोई चौकीदार नहीं हूं जो 24 घंटे नौकरी करूं. सुबह आउंगा तब देख लूंगा. हालांकि इसकी जानकारी हमने प्रशासन को तो दे दी है अब उम्मीद है कि लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि सरकारी की योजनाओं और उसकी सुविधाओं का गरीब जनता को लाभ मिल सके.