close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

टोंक: मनरेगा में ग्राम पंचायत का सदस्य ही बना मजदूर, किया लाखों का घोटाला

राजस्थान के टोंक में मनरेगा योजना में ग्राम पंचायतों की ऐसी मनमर्जी सामने आई जो अपने आप में हैरान कर देने वाला है. 

टोंक: मनरेगा में ग्राम पंचायत का सदस्य ही बना मजदूर, किया लाखों का घोटाला
एक सरपंच ने पंचायत समिति सदस्य को ही मजदूर बना दिया.

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: देशभर में गरीब किसान और धरतीपुत्रों को सीधा लाभ देने के लिए भारत सरकार ने मनरेगा योजना की शुरूआत की गई थी. देश की सबसे छोटी इकाई ग्राम पंचायत को मॉनिटरिंग कर योजना से लाभान्वित करने की जिम्मेदारी तय की गई. लेकिन इस मामले में जिनको जिम्मेदारी दी गई थी उन्होने ही सरकारी खजाने को लूट लिया है. 

राजस्थान के टोंक में मनरेगा योजना में ग्राम पंचायतों की ऐसी मनमर्जी सामने आई जो अपने आप में हैरान कर देने वाला है. खबर के मुताबिक एक सरपंच ने पंचायत समिति सदस्य को ही मजदूर बना दिया.

सूबे के उपमुख्यमंत्री, पंचायतराज मंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट के गृह जिले में सब कुछ राम भरोसे चल रहा है. पंचायतराज विभाग में लापरवाही का आलम ऐसा है कि किसी भी मामले को लेकर ना अधिकारी गम्भीर है ना जनप्रतिनिधि. अफसरों की लापरवाही और मिलीभगत के चलते हर कोई सरकारी खजाने को चपत लगा कर मौज काट रहा है.

ताजा मामले के अनुसार बरौनी थाना क्षेत्र के नटवाड़ा ग्राम पंचायत का जहां मनरेगा में अपना खेत अपना काम योजना के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार करा के करीब आठ लाख का गबन किए जाने का मामला थाने में दर्ज किया गया है. नटवाडा निवासी लक्ष्मण करण ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि इस मामले में एक दंत चिकित्सक डॉक्टर संजू कवर भी शामिल है जो निवाई में एक क्लिनिक चलाती है.

जब हमने टोंक जिला कलेक्टर रामचंद्र ढेनवाल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत व्यास से बात करने की कोशिश की तो दोनों ने पूरे मामले पर बात करने से ही इनकार कर दिया. हालांकि, भाजपा से निर्विचित जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी ने वह इस मामले मे वह दोषियों पर कार्रवाई करवाएंगे. साथ ही, उन्होने यह भी कहा कि वह पुलिस थाने में इसके खिलाफ शिकाय करेंगे.